6 दिन अवैध हिरासत में रखने पर पुलिस देगी 1.25 लाख मुआवजा, इलाहाबाद HC ने सुनाया आदेश

Allahabad High Court News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देवरिया के चंदन राजभर को अवैध हिरासत में रखने के मामले में बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने पुलिस को हिरासत में बिताए प्रत्येक दिन के लिए 25 हजार रुपये के हिसाब से कुल 1.25 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की पीठ ने ज्ञांती देवी और दो अन्य की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने साफ किया कि मुआवजा मिलने के बाद भी चंदन राजभर पुलिस विभाग से अतिरिक्त नुकसान की भरपाई के लिए दीवानी मुकदमा दायर कर सकते हैं।

प्रेम विवाह के बाद पुणे में रह रहा था दंपति

मामले के अनुसार, 18 जुलाई 2026 को देवरिया के सलेमपुर थाने में भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता की धारा 87 के तहत FIR दर्ज हुई थी। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया था कि चंदन राजभर उसकी 18 वर्षीय बेटी को भगाकर ले गया है।

याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, चंदन और युवती ने बिहार के सिवान स्थित दुर्गा मंदिर में शादी कर ली थी। इसके बाद दोनों पुणे चले गए और पति-पत्नी की तरह रहने लगे।

आरोप है कि 24 अगस्त की रात युवती के पिता कुछ पुलिसकर्मियों के साथ पुणे स्थित दंपति के घर पहुंचे। पुलिस दोनों को हिरासत में लेकर 27 अगस्त की रात संबंधित थाने ले आई। चंदन को 28 अगस्त से 2 सितंबर तक हिरासत में रखा गया, जबकि गिरफ्तारी के दस्तावेज 2 सितंबर को तैयार किए गए।

जांच में पुलिस अधिकारी दोषी पाया गया

राज्य सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि क्षेत्राधिकारी की 21 अक्टूबर की जांच रिपोर्ट में जांच अधिकारी दीप नारायण यादव को जानबूझकर अवैध हिरासत में रखने का दोषी पाया गया है। इसके बाद देवरिया के पुलिस अधीक्षक ने उसी दिन उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी।

हाईकोर्ट ने कहा कि विभागीय जांच में अधिकारी के जानबूझकर किए गए कृत्य साबित होने पर कड़ी से कड़ी सजा देने पर विचार किया जाना चाहिए।

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