ओमान के समुद्री तट के पास कमर्शियल शिप पर हमला, एक भारतीय नाविक की मौत
Sandesh Wahak Digital Desk: ओमान के समुद्री इलाके में कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। हाल ही में, ओमान के लिमाह के पास भारतीय नाविकों से जुड़े एक व्यावसायिक जहाज ‘एमएसवी अल जुसुफी’ को निशाना बनाया गया। इस दर्दनाक घटना में एक भारतीय नाविक की जान चली गई, जिस पर भारत सरकार ने गहरा दुख और कड़े शब्दों में अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 2 नवंबर को ओमान के समुद्री क्षेत्र में हुए इस हमले में अज्ञात एरियल ऑब्जेक्ट का इस्तेमाल किया गया था। इस जहाज पर कुल 14 भारतीय नागरिक सवार थे। गनीमत रही कि ओमानी तटरक्षक बल की त्वरित कार्रवाई के चलते 13 नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन गंभीर रूप से घायल एक भारतीय नाविक को बचाया नहीं जा सका। ओमान स्थित भारतीय दूतावास वर्तमान में स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि सभी बचे हुए नागरिकों और दिवंगत नाविक के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द सुरक्षित स्वदेश लाया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा पर भारत का रुख
भारत ने दुनिया भर के समुद्री क्षेत्रों में कमर्शियल जहाजों पर हो रहे हमलों को बेहद चिंताजनक करार दिया है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच से यह स्पष्ट किया है कि वैश्विक जलमार्गों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की वार्रवाइयां तत्काल रोकी जानी चाहिए। मंत्रालय ने जोर दिया कि क्षेत्र में शांति, स्थिरता और निर्बाध वैश्विक व्यापार को बहाल करने के लिए तनाव को जल्द से जल्द कम कर कूटनीतिक संवाद का रास्ता अपनाया जाना चाहिए।
पश्चिम एशिया संघर्ष और भारतीयों की सुरक्षा
इस ताजा घटना के साथ ही क्षेत्र में सुरक्षा के हालात चिंता का विषय बने हुए हैं। हाल ही में विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पश्चिम एशिया के चल रहे संघर्षों में अब तक कुल 22 भारतीयों के मारे जाने की पुष्टि की थी, जिनमें से 14 अकेले नाविक वर्ग से हैं। सरकार नागरिकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत समुद्री गतिविधियों की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए लगातार संबंधित देशों के संपर्क में है।
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