Ghaziabad News: पुलिस बूथ पर मदद मांगने आए युवक की कटी नस, महिला पुलिसकर्मी के सामने तोड़ा दम
Ghaziabad News: मधुबन बापूधाम क्षेत्र के संजयनगर (सेक्टर-23) से एक बेहद असंवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पिंक पुलिस बूथ पर मदद की गुहार लगाने पहुंचे 22 वर्षीय युवक की खून बह जाने से मौत हो गई। आरोप है कि जब पीड़ित ऑटो चालक से मारपीट के बाद अपनी जान बचाने के लिए पुलिस बूथ की तरफ दौड़ा, तो वहां तैनात महिला पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा देने के बजाय अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। घबराहट में युवक ने जब कार्यालय का दरवाजा खोलने के लिए हाथ मारा, तो शीशा टूटने से उसके हाथ की नस कट गई और समय पर इलाज न मिलने से उसने दम तोड़ दिया।
किराए के विवाद से शुरू हुआ था पूरा झगड़ा
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से बिहार के बटुलिया गांव का रहने वाला राजकुमार (22 वर्ष) गाजियाबाद के संजयनगर सेक्टर-23 में किराए के मकान में रहता था और पेशे से कार मैकेनिक था। रविवार दोपहर कहीं जाने के दौरान राजकुमार का एक ऑटो चालक से किराए को लेकर विवाद हो गया। बहस इतनी बढ़ी कि ऑटो चालक ने राजकुमार के साथ मारपीट शुरू कर दी। खुद को अकेला पाकर और जान बचाने के लिए राजकुमार पास ही स्थित सेक्टर-23 पिंक पुलिस बूथ की ओर भागा ताकि वह शिकायत दर्ज करा सके और आरोपियों से बच सके।
प्रत्यक्षदर्शियों और घटनाक्रम के अनुसार, राजकुमार जब बदहवास हालत में पुलिस चौकी प्रभारी के कार्यालय के पास पहुंचा, तो वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मी बाहर आने के बजाय अंदर से गेट बंद करके तमाशा देखती रहीं। हमलावरों के डर से राजकुमार ने जब मदद के लिए चिल्लाते हुए दरवाजे पर हाथ पटके, तो वहां लगा कांच टूटकर उसके दोनों हाथों में घुस गया। कांच लगने से उसके हाथ की मुख्य नसें कट गईं और मौके पर ही अत्यधिक खून बहने लगा। घटना के करीब आधे घंटे बाद जो एम्बुलेंस मौके पर पहुंची, उसमें प्राथमिक उपचार (फर्स्ट ऐड किट) तक की सुविधा मौजूद नहीं थी। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही अत्यधिक रक्तस्राव के कारण राजकुमार ने दम तोड़ दिया।
जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई
इस गंभीर मामले में पुलिस विभाग के आला अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पूरा मामला उनके संज्ञान में है और इसकी गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने माना कि पिंक बूथ पर तैनात स्टाफ को युवक की बात सुननी चाहिए थी और उसकी मदद करनी चाहिए थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पुलिसकर्मियों और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
Also Read: IND vs ENG: पहले वनडे में कैसी होगी टीम इंडिया की प्लेइंग XI? इन खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका

