आगरा अग्निवीर भर्ती में ‘सेंधमारी’: 3 लाख में पक्की नौकरी का ‘ठेका’, ऐसे धरा गया फिजिकल एकेडमी संचालक
Sandesh Wahak Digital Desk: ताजनगरी आगरा के एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रही अग्निवीर भर्ती रैली के बीच एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। मिलिट्री इंटेलिजेंस और सदर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक शातिर ठग को दबोचा है, जो भोले-भाले अभ्यर्थियों को सेना में भर्ती कराने का झांसा देकर लाखों की ठगी कर रहा था। पकड़ा गया आरोपी नीरेश खुद एक फिजिकल एकेडमी चलाता है और ‘बड़े अफसरों से सेटिंग’ का दावा कर युवाओं के सपनों का सौदा कर रहा था।
इंटेलिजेंस की पैनी नजर से नहीं बच सका ठग
आगरा में 1 से 19 अप्रैल तक आयोजित हो रही भर्ती रैली को लेकर सेना और पुलिस पहले से ही हाई अलर्ट पर थी। इंटेलिजेंस को अंदेशा था कि दलाल बाहर सक्रिय होकर अभ्यर्थियों को निशाना बनाएंगे। रविवार को स्टेडियम के बाहर संदिग्ध रूप से घूम रहे बमरौली कटारा निवासी नीरेश पर नजर रखी गई, जो मध्य प्रदेश से आए एक अभ्यर्थी अभिषेक राजपूत को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहा था।
झांसा: “बड़े अफसरों से है सेटिंग, 3 लाख दो और अग्निवीर बनो”
पूछताछ में सामने आया कि नीरेश ने अभिषेक को भरोसा दिलाने के लिए मोबाइल में सेना से जुड़े फोटो और वीडियो दिखाए। उसने दावा किया कि ₹1 लाख में मेडिकल फिट कराने की गारंटी और 3 लाख में अंतिम रूप से चयन कराने का ठेका। अभिषेक को शक हुआ और उसने वहां मौजूद मिलिट्री इंटेलिजेंस के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया गया।
सोशल मीडिया पर ‘भ्रम का मायाजाल’ और प्रतिबंधित दवाएं
आरोपी नीरेश अपनी पहुंच ऊपर तक दिखाने के लिए भर्ती स्थल के पास खड़े होकर दौड़ते हुए अभ्यर्थियों के वीडियो बनाता था और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करता था ताकि युवाओं को लगे कि वह भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा है। तलाशी में उसके पास से ताकत के इंजेक्शन और प्रतिबंधित दवाएं भी बरामद हुई हैं।
ठगी का ‘प्रोबेबिलिटी मॉडल’
आरोपी ने पूछताछ में ठगी का चौंकाने वाला तरीका बताया। वह बमरौली कटारा क्षेत्र में फिजिकल एकेडमी चलाता है। उसका फंडा सीधा था—10 युवाओं से पैसे ऐंठ लो, किस्मत से अगर 1-2 का चयन उनकी अपनी मेहनत से हो गया, तो वह उसका श्रेय खुद लेकर पैसे डकार जाता था। बाकी लोगों के पैसे वह धीरे-धीरे लौटाता था या डरा-धमकाकर हड़प लेता था।
पुलिस की सख्त कार्रवाई: जांच में जुटी टीमें
डीसीपी सिटी अली अब्बास के अनुसार, मिलिट्री इंटेलिजेंस और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। सदर थाने में मुकदमा दर्ज कर अब उसके संपर्कों और मोबाइल डेटा की जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हैं।
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