अखिलेश यादव ने पूर्व राज्यमंत्री के निधन पर जताया शोक, कुशीनगर से दौड़ते हुए सपा प्रमुख से मिलने पहुंचा युवक
Sandesh Wahak Digital Desk: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने बाराबंकी जनपद के सदर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे पूर्व राज्यमंत्री संग्राम सिंह वर्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि संग्राम सिंह वर्मा ने पीडीए समाज की आजीवन सेवा की। वह ग्राम जरमापुर, पोस्ट बरौली मलिक, ब्लाक हरख, तहसील नवाबगंज, जनपद बाराबंकी के निवासी थे।
कुशीनगर से दौड़कर पहुंचे युवक से की मुलाकात
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से नौजवान चंदन यादव ने भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। चंदन यादव कुशीनगर के निवासी हैं, जो 23 मार्च से दौड़ते हुए 30 मार्च 2026 को लखनऊ पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह अखिलेश यादव से मिलने के लिए बेहद उत्साहित थे और इसी उद्देश्य से दौड़ते हुए यहां पहुंचे। अखिलेश यादव ने उनके उत्साह की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

पीडीए भवन की प्रतिकृति भेंट
गोरखपुर के समाजवादी पार्टी नेता मंतोष यादव ने अखिलेश यादव से मुलाकात कर चौरीचौरा में बने पीडीए भवन की प्रतिकृति भेंट की। इस प्रयास की सराहना करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर पहले से ज्यादा विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को एक-दूसरे का सम्मान करने और अच्छे कार्यों में सहभागिता निभाने की सलाह दी।
मैनपुरी से सांसद Dimple Yadav के जन्मदिन के अवसर पर गोरखपुर जनपद के चौरी चौरा विधानसभा क्षेत्र में पांच पीडीए भवन की नींव रखी गई है। इनका शिलान्यास विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने किया। मंतोष यादव ने बताया कि उन्होंने डिम्पल यादव के जन्मदिन पर पांच पीडीए आवास बनाने का संकल्प लिया था, जिसके तहत इन भवनों का शिलान्यास किया गया।

सिख प्रतिनिधिमंडल ने उठाई समस्याएं
अखिलेश यादव से सिख समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर भाजपा सरकार के दौरान हो रहे उत्पीड़न की शिकायत की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय सचिव एवं पंजाब प्रभारी कुलदीप सिंह भुल्लर ने किया। प्रतिनिधियों ने बताया कि हरिद्वार स्थित ऐतिहासिक श्री ज्ञान गोदड़ी गुरुद्वारा, जिसे वर्ष 1984 में हटा दिया गया था, अब तक दोबारा बनाने की अनुमति और जगह नहीं दी गई है, जिससे सिख समाज की भावनाएं आहत हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि शाहजहांपुर-पीलीभीत क्षेत्र में 70 वर्षों से कब्जे में रह रहे किसानों को विस्थापित करने की साजिश हो रही है। जिन किसानों के मुकदमे चल रहे हैं, उनकी जमीनें भी छीनी जा रही हैं। इसके अलावा सिख समाज के युवाओं को सरकारी नौकरियों में अवसर न मिलने और भेदभाव किए जाने की भी शिकायत की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार में सिख समाज को प्रतिनिधित्व मिला था और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास किए गए थे। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में कई सदस्य शामिल रहे, जिन्होंने अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं।
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