अखिलेश ने युवाओं को लिखा भावुक पत्र, बोले- पीडीए मान-सम्मान का इंकलाब है, खुद लड़कर बदलना होगा अपना वक्त
Lucknow News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अब पूरी तरह से चुनावी मोड में नजर आ रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली बड़ी सफलता के बाद, अब उन्होंने 2027 की तैयारी के लिए अपने सबसे बड़े हथियार PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के युवाओं को एक खास पत्र जारी किया है। इस पत्र के जरिए अखिलेश ने न केवल अपना नया नारा बुलंद किया, बल्कि कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए उन्हें अनुशासन का पाठ भी पढ़ाया।
अखिलेश यादव ने अपने पत्र में युवाओं को एकजुट होने का आह्वान करते हुए एक नया मंत्र दिया है। उन्होंने लिखा कि हर पीडीए (PDA) परिवार को एक साझा पीड़ा (दुख) की डोर जोड़ती है। अखिलेश का मानना है कि जब तक प्रदेश में पीडीए की सरकार नहीं बनेगी, तब तक न तो संविधान सुरक्षित रहेगा और न ही पिछड़ों और दलितों का आरक्षण।
सपा अध्यक्ष ने युवाओं के जोश की तारीफ तो की, लेकिन साथ ही उन्हें सतर्क रहने की हिदायत भी दी। उन्होंने पत्र में लिखा, भाजपा चुनाव में गड़बड़ी की कोशिश कर सकती है, इसलिए हर बूथ पर सक्रिय रहें और मतदान प्रक्रिया पर पैनी नजर रखें। किसी भी तरह के उकसावे या बहकावे में न आएं। लक्ष्य हासिल करने के लिए शांत और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ें। इस बार बुजुर्गों का आशीर्वाद और युवाओं का पसीना मिलकर सामाजिक न्याय की सरकार बनाएंगे।
भाजपा की विदाई तय
अखिलेश ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे भ्रष्ट, जुमलेबाज और बेईमान करार दिया। उन्होंने युवाओं से कहा कि यह चुनाव सिर्फ सत्ता बदलने का नहीं, बल्कि अपमान और दुख से मुक्ति पाने का आंदोलन है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पीडीए हमारे मान-सम्मान का इंकलाब है और अपना वक्त बदलने के लिए हमें खुद ही लड़ना होगा।
क्यों अहम है यह PDA फॉर्मूला
आपको बता दें कि 2024 के लोकसभा चुनाव में इसी ‘पीडीए’ फॉर्मूले ने सपा को संजीवनी दी थी।
सपा उत्तर प्रदेश में 37 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी।
देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
इसी सफलता को दोहराने के लिए अखिलेश अब बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने में जुट गए हैं।
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