यूपी समेत चार राज्यों में जल्द हो सकते हैं विधानसभा चुनाव, बीजेपी ने तेज की तैयारी
Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में अपनी प्रदेश इकाइयों को विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज करने का निर्देश दिया है। पार्टी आलाकमान चुनावी मुहिम को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो गया है और कोर ग्रुप्स को जल्द से जल्द चुनावी रणनीति अंतिम रूप देने को कहा गया है।
सूत्रों के अनुसार, फरवरी 2027 में देशभर में जनगणना के दूसरे चरण की शुरुआत होनी है, जिसमें जातिगत जनगणना के लिए सामाजिक-आर्थिक, शैक्षिक और प्रजनन दर से जुड़े आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। चुनाव और जनगणना दोनों ही बड़े आयोजन हैं, जिनमें भारी मानव संसाधन की आवश्यकता होती है। अक्सर दोनों कार्यों में एक ही स्टाफ का उपयोग किया जाता है, जिससे लॉजिस्टिक चुनौतियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। इसी टकराव से बचने के लिए उत्तर प्रदेश, गोवा और पंजाब में चुनाव तय समय से कुछ सप्ताह पहले कराए जा सकते हैं। वहीं, उत्तराखंड भाजपा इकाई चुनाव और भी पहले कराने के पक्ष में है।
मणिपुर में बढ़ते तनाव पर पार्टी की नजर
मणिपुर में भी अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य में बढ़ते तनाव और संवेदनशील स्थिति को देखते हुए भाजपा नेतृत्व वहां के हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है। पार्टी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और समय-समय पर स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल की जीत से मिले मोमेंटम को बरकरार रखने की रणनीति
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, राजनीतिक रूप से हम चुनाव में उस समय जाना चाहते हैं, जब पश्चिम बंगाल की हालिया जीत से मिली गति (मोमेंटम) बरकरार हो। पार्टी के एक बड़े वर्ग का मानना है कि पश्चिम बंगाल में शानदार जीत का मुख्य कारण ‘हिंदू ध्रुवीकरण’ रहा है। भाजपा को उम्मीद है कि यही कारक उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी उसकी संभावनाओं को काफी मजबूत कर सकता है। इसलिए प्रदेश इकाइयों को इस लय को बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करने को कहा गया है।
कांग्रेस को तैयारी के लिए कम समय देने की रणनीति
उत्तर प्रदेश को छोड़ दें तो अन्य चुनावी राज्यों में कांग्रेस एक मुख्य प्रतिद्वंद्वी पार्टी है। भाजपा सूत्रों का मानना है कि दक्षिण भारत के हालिया घटनाक्रमों से कांग्रेस का मनोबल काफी बढ़ा है केरल में कांग्रेस नीत यूडीएफ की शानदार जीत, तमिलनाडु में जोसफ विजय की पार्टी टीवीके के साथ गठबंधन में सरकार बनाना, और कर्नाटक में डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाकर सत्ता का सुचारू हस्तांतरण। इन घटनाक्रमों के कारण कांग्रेस चुनावी गठबंधन बनाने और चुनाव लड़ने के लिए बेहतर स्थिति में है। ऐसे में भाजपा नेतृत्व चाहता है कि जल्दी चुनाव कराकर विपक्ष को तैयारी के लिए कम समय दिया जाए, जिसका सीधा फायदा भाजपा को होगा। पार्टी विपक्ष की किसी भी चुनौती को कम करके नहीं आंकना चाहती।
आम आदमी पार्टी ने भी जताई जल्द चुनाव की आशंका
आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पिछले हफ्ते पंजाब में एक कार्यक्रम के दौरान आशंका जताई थी कि चुनाव समय से पहले, नवंबर में ही हो सकते हैं। हालांकि, भाजपा नेतृत्व आमतौर पर जल्दी चुनाव के पक्ष में नहीं रहता, क्योंकि 2004 के लोकसभा चुनाव में अर्ली पोल्स से पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा था। लेकिन पंजाब भाजपा के एक नेता ने बताया कि बड़े परिदृश्य को देखते हुए चुनाव कुछ सप्ताह पहले खिसकाए जा सकते हैं। इसलिए केंद्रीय नेतृत्व ने सभी को जीतने के लक्ष्य के साथ चुनाव के लिए तैयार रहने को कहा है।
Also Read: UP Job Fair 2026: शुरू हुआ फ्री ऑनलाइन रोजगार मेला, घर बैठे ऐसे करें एप्लाई और पाएं नौकरी

