भारत-नेपाल सीमा पर बलरामपुर पुलिस और SSB की कार्रवाई, नशीली दवाओं के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार

Balrampur News: भारत-नेपाल सीमा पर नशीली दवाओं के काले कारोबार के विरुद्ध जनपद पुलिस और एसएसबी (SSB) ने संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने महादेव बांकी इलाके से प्रतिबंधित दवाओं की एक विशाल खेप बरामद की है, जिसे पिकअप वाहन के जरिए नेपाल तस्करी करने की योजना थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन दवाओं की कीमत करीब ₹11.47 लाख आंकी गई है।

घेराबंदी कर दबोचा गया पिकअप वाहन

पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर सीमावर्ती क्षेत्रों में चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के तहत थाना हर्रैय्या पुलिस और एसएसबी की टीम ने खैरवान बंधा के पास एक संदिग्ध पिकअप को रोका। तलाशी लेने पर टीम की आंखें फटी रह गईं। वाहन के भीतर 35 गत्तों में नशीली दवाओं का जखीरा छिपाकर रखा गया था।

बरामदगी का विवरण

कोडीन युक्त कफ सिरप: 7600 बोतलें।

नशीले कैप्सूल: 48,000 अदद।

अल्प्राजोलाम टैबलेट: 30,000 गोलियां।

वाहन व अन्य: 01 पिकअप, 02 मोटरसाइकिलें और 03 मोबाइल फोन।

श्रावस्ती के रहने वाले हैं तीनों तस्कर

पुलिस ने मौके से तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान कपिल जायसवाल, आकाश श्रीवास्तव और गोविंद सोनी के रूप में हुई है। ये तीनों पड़ोसी जनपद श्रावस्ती के निवासी हैं। पूछताछ में तस्करों ने कुबूल किया कि वे बहराइच से यह खेप लाए थे और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में इसे ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में थे।

नेटवर्क की गहराई तक जाएगी पुलिस: ASP

मामले की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) विशाल पाण्डेय ने बताया कि सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा सिविल पुलिस और एसएसबी संयुक्त रूप से मुख्य रास्तों के साथ-साथ पगडंडियों पर भी पैनी नजर रख रही है। हम इस तस्करी नेटवर्क के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज की गहनता से जांच कर रहे हैं कि ये दवाएं किस डिस्ट्रीब्यूटर से आईं और नेपाल में इनका मुख्य रिसीवर कौन था। पुलिस ने पकड़े गए तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और औषधि अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।

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