AQIS का आतंकी इकरामुल बांग्लादेश में लापता, UNSC रिपोर्ट से भारत की बढ़ी चिंता
Bangladesh: बांग्लादेश में आतंकी संगठनों की गतिविधियों को लेकर भारत की चिंता बढ़ रही है। अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े इकरामुल हक उर्फ अबू ताल्हा को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। वह NIA की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल है और करीब 10 आतंकी मामलों में नामजद बताया गया है।
जानकारी के मुताबिक इकरामुल 2018 में भारत आया था। आरोप है कि उसने फर्जी पहचान के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाया और पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश तथा गुजरात में नेटवर्क तैयार किया। मई 2023 में उसे ढाका के मदारटेक इलाके से गिरफ्तार किया गया था। उसकी पत्नी फारिया आफरीन को भी हिरासत में लिया गया था। 16 दिन की पूछताछ के बाद इकरामुल को काशिमपुर जेल भेजा गया। अक्टूबर 2024 में वह जमानत पर बाहर आया और इसके बाद से उसका पता नहीं चला।
पांच नामों से पहचान बदलने का आरोप
खुफिया जानकारी के अनुसार इकरामुल बंगाली, उर्दू, अरबी और अंग्रेजी जानता है। उसके अबू ताल्हा, मौलाना साबित, नूर हुसैन, मंसूर और मिलन जैसे नाम इस्तेमाल करने का दावा किया गया है। उस पर AQIS के प्रचार और ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़े होने का भी आरोप है।
UNSC रिपोर्ट ने जताई चिंता
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की रिपोर्ट के मुताबिक अल-कायदा बांग्लादेश में सक्रिय सेल बनाकर अपना नेटवर्क बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। भारतीय एजेंसियों के अनुसार सरकार बदलने के बाद करीब 370 कट्टरपंथी और आतंकी आरोपी जमानत पर बाहर आए हैं।
रिपोर्ट में JMB और अंसार-उल-बांग्ला टीम से जुड़े लोगों का भी उल्लेख है। ढाका के आसपास IED मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हैं। भारत ने पूर्वी सीमा पर निगरानी बढ़ाई है। हाल में RAW प्रमुख पराग जैन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने ढाका में DGFI अधिकारियों से भी मुलाकात की थी।

