Bareilly News: 10 मिनट में बचाए 6 लाख, ATS अधिकारी बनकर ठगों ने किया था ‘डिजिटल अरेस्ट’

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की बरेली पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। थाना प्रेमनगर पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के शिकार एक व्यक्ति की गाढ़ी कमाई के ₹6 लाख को ठगों के हाथों में जाने से महज 10 मिनट के भीतर बचा लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल एक परिवार को आर्थिक बर्बादी से बचाया, बल्कि साइबर अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

एटीएस अधिकारी बनकर 10 घंटे का ‘डिजिटल अरेस्ट’

घटना का शिकार हुए आजाद नगर सुर्खा निवासी संजय कुमार ने बताया कि 6 अप्रैल की दोपहर करीब 3 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने वीडियो कॉल कर खुद को एटीएस (ATS) का अधिकारी बताया। ठगों ने पीड़ित को डराया कि उनके परिवार के तार आतंकवादियों से जुड़े हैं। खौफ पैदा कर पीड़ित परिवार को करीब 10 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट (वीडियो कॉल पर नजर रखना) रखा गया और उनकी बैंक डिटेल्स ले ली गईं।

10 मिनट का ‘गोल्डन ऑवर’ और पुलिस का एक्शन

पीड़ित के पड़ोसी ने आज सुबह करीब 7:00 बजे थाना प्रेमनगर को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सुरेन्द्र कुमार और उ.नि. अक्षय त्यागी की टीम ने साइबर सेल के साथ मिलकर काम शुरू किया। मात्र 10 मिनट के भीतर, यानी सुबह 7:10 बजे तक पीड़ित का बैंक खाता और मोबाइल फोन सुरक्षित कर लिया गया। खाते में जमा ₹6 लाख की राशि को ट्रांसफर होने से पहले ही ब्लॉक कर दिया गया।

इनाम और विधिक कार्यवाही

इस सराहनीय कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बरेली ने प्रेमनगर पुलिस टीम को ₹10,000 का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। मामले में अज्ञात ठगों के खिलाफ BNS की धारा 318(4) और IT एक्ट के तहत मुकदमा (FIR-143/26) दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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