महिला आरक्षण के नाम पर मसीहा बनने का नाटक कर रही भाजपा, प्रियंका गांधी का सरकार पर तीखा हमला

Sandesh Wahak Digital Desk: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) बिल पास न होने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। प्रियंका गांधी ने इस घटनाक्रम को लोकतंत्र और संविधान की बड़ी जीत करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण की आड़ में राजनीतिक लाभ लेने और संघीय ढांचे को कमजोर करने की साजिश रच रही थी, जिसे विपक्ष की एकजुटता ने नाकाम कर दिया।

प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार की नीयत कभी भी महिलाओं को आरक्षण देने की नहीं थी। उनके अनुसार, सरकार ने बिल में परिसीमन (Delimitation) और जनगणना जैसी शर्तें जानबूझकर जोड़ीं ताकि यह पास न हो सके। अगर बिल पास होता तो वे क्रेडिट लेते, और अब फेल होने पर दूसरी पार्टियों को महिला विरोधी बताकर खुद को महिलाओं का मसीहा साबित करना चाहते हैं। प्रियंका ने स्पष्ट किया कि तीन दिन की चर्चा महिला आरक्षण के बारे में नहीं, बल्कि केवल परिसीमन और सत्ता में बने रहने की प्लानिंग के बारे में थी।

INDIA गठबंधन की मांग, 2023 वाला कानून लाओ

कांग्रेस सांसद ने सरकार को चुनौती देते हुए गठबंधन का स्टैंड साफ करते हुए कहा कि हम हर राज्य और हर मंच से कहेंगे कि सरकार 2023 का वह कानून लाए जो पास हुआ था। उसे 2029 तक लागू करने के लिए जो भी जरूरी बदलाव हों, हम उसका पूरा समर्थन करेंगे। लेकिन सरकार अपनी बातों पर कायम नहीं रहती, उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

बढ़ती महंगाई और अंतरराष्ट्रीय दबाव का जिक्र

प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार अंतरराष्ट्रीय दबाव में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं महंगाई के बोझ तले दबी हुई हैं। गैस, फल और सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। उन्होंने भाजपा के महिला मोर्चे के प्रदर्शनों को तमाशा करार देते हुए कहा कि देश की महिलाएं अब सरकार के बहकावे में नहीं आने वालीं।

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