नेहा बोरा के बयान पर भड़कीं बीजेपी नेता नाजिया इलाही, बोलीं- चुनिंदा मुद्दों पर बोलना सही नहीं
Ghaziabad News: अभिनेत्री नेहा बोरा के एक हालिया बयान को लेकर शुरू हुई बहस में अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता नाजिया इलाही खान भी कूद पड़ी हैं। गाजियाबाद में मीडिया से बातचीत करते हुए नाजिया इलाही ने नेहा बोरा पर चुनिंदा मुद्दों पर प्रतिक्रिया देने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब महिलाओं से जुड़े अन्य गंभीर और संवेदनशील मामले सामने आते हैं, तब इस तरह की हस्तियों की आवाज क्यों नहीं निकलती?
नागपुर सिम्बायोसिस लॉ स्कूल विवाद का जिक्र
अपनी बात को मजबूती से रखते हुए नाजिया ने नागपुर के प्रसिद्ध सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से जुड़े हालिया मामले का प्रमुखता से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां एक प्रोफेसर पर छात्राओं को नमाज पढ़ने, धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव बनाने और आपत्तिजनक संदेश भेजने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। बात न मानने पर छात्राओं को उनका करियर बर्बाद करने की धमकियां तक दी गईं। नाजिया ने सवाल किया कि इतनी बड़ी घटना सामने आने के बावजूद इस पर कोई विरोध दर्ज क्यों नहीं कराया गया?
संदेशखाली और मदरसों के मुद्दों पर घेरा
बीजेपी नेता ने पश्चिम बंगाल के चर्चित संदेशखाली मामले का उदाहरण देते हुए तृणमूल कांग्रेस के पूर्व नेता शेख शाहजहां और उसके गुर्गों पर लगे यौन उत्पीड़न व जमीन हड़पने के आरोपों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि संदेशखाली में महिलाओं के साथ हुए अत्याचारों पर चुप्पी साधना यह दर्शाता है कि कुछ लोग अपनी सहूलियत के हिसाब से स्टैंड लेते हैं। इसके साथ ही उन्होंने धार्मिक स्थलों और मदरसों में सामने आने वाले कथित गलत व्यवहारों पर भी बिना किसी भेदभाव के आवाज उठाने की वकालत की।
महिला सुरक्षा पर एक समान पैमाने की मांग
नाजिया इलाही खान ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़े सवालों पर किसी भी तरह का दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए। सामाजिक बुराइयों या अत्याचारों पर बात करते समय किसी एक समुदाय, वर्ग या राजनीतिक विचारधारा तक सीमित रहना गलत है। नेहा बोरा के बयान से शुरू हुआ यह विवाद अब इस बड़े सवाल की ओर मुड़ गया है कि सामाजिक और महिला सुरक्षा के मुद्दों पर मुखर होने का दायरा सभी घटनाओं में एक समान होना चाहिए या नहीं।
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