बृजभूषण शरण सिंह बोले- देश में मुसलमान और सवर्ण ही हैं दो असली खलनायक, वायरल हुआ वीडियो
Gonda News: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह अपने बेबाक और अक्सर विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं। इस बार उन्होंने गोंडा में रामनवमी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एक ऐसी बात कह दी है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। बृजभूषण ने दावा किया कि आज के समय में देश के अंदर दो ही असली खलनायक हैं पहला मुसलमान और दूसरा सवर्ण।
कार्यक्रम में मौजूद भीड़ को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद ने पहले ही भांप लिया कि उनका यह बयान विवाद खड़ा कर सकता है। उन्होंने कहा, मैं जानता हूँ मेरी यह बात गहरी चोट करेगी। उन्होंने अपने बयान की शुरुआत एक पूर्व वक्ता के हवाले से की, जिन्होंने कथित तौर पर कहा था कि सारी समस्याएं केवल मुसलमानों की वजह से हैं। इस पर अपनी सहमति जताते हुए बृजभूषण ने कहा कि इस प्रकार पहला खलनायक तो मुसलमान है ही।
सवर्णों को क्यों बताया खलनायक
शायरी और तर्क के जरिए अपनी बात रखते हुए बृजभूषण ने सवर्णों (Upper Castes) को दूसरा खलनायक बताने की वजह भी समझाई। उन्होंने सवाल किया कि अगर यह मान लिया जाए कि सभी समस्याएं मुसलमानों के कारण हैं, तो उनका साथ देने के लिए कौन खड़ा है? उन्होंने खुद ही जवाब दिया कि भाजपा को छोड़कर देश की तमाम बड़ी पार्टियां उनके साथ खड़ी हैं। इसके बाद उन्होंने भीड़ से एक तीखा सवाल पूछा, सवर्णों के साथ खड़े होने के लिए कौन सी पार्टी है? कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने एक सुर में जवाब दिया, कोई नहीं। इस पर तंज कसते हुए बृजभूषण ने कहा, क्यों, हो गए न खलनायक?
शायरी के जरिए बयां किया दर्द
सवर्णों की राजनीतिक स्थिति और उनके अकेलेपन को दर्शाने के लिए पूर्व सांसद ने एक मशहूर शेर पढ़ा। इतने गहरे घाव कहाँ से आए होंगे, लगता है तुमने भी दोस्त बनाए होंगे। उन्होंने इस शेर के जरिए यह बताने की कोशिश की कि सवर्णों ने जिन पर भरोसा किया, उन्होंने ही उन्हें इस हाल में पहुँचाया है। बयानबाजी के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने लोगों से रामनवमी के मौके पर भगवान श्रीराम के बताए हुए रास्ते पर चलने की अपील की। उन्होंने अपनी कमियों को दूर करने और शर्म छोड़कर आगे बढ़ने की सलाह दी।
जोड़ने की संस्कृति: उन्होंने याद दिलाया कि भगवान राम ने केवट, ऋषि भारद्वाज, आदिवासी, जंगलवासी और वनवासियों को अपने साथ जोड़ा था।
नया संकल्प: बृजभूषण ने कहा कि हमें भी अपने साथ सबको जोड़कर आगे बढ़ना चाहिए। जो लोग हमारे साथ चलने को तैयार हैं, हमें उन्हें साथ लेना चाहिए।

