यात्रीगण कृपया ध्यान दें… दलाल से टिकट लेना पड़ सकता है भारी, स्कैनिंग के जाल में फंसे 11 यात्री
Gorakhpur News: त्योहारों और भीड़भाड़ के समय ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना पहले ही मुश्किल है। इसी का फायदा उठाकर टिकट दलाल अब नया फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में आरपीएफ ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 यात्रियों को पकड़ लिया, जो दूसरे लोगों के नाम पर बुक किए गए फर्जी टिकटों पर यात्रा कर रहे थे। ये सभी यात्री सोच रहे थे कि उनके पास असली टिकट है, लेकिन जांच में सच्चाई सामने आई।
स्कैनिंग के जरिए चल रहा था नया फर्जीवाड़ा
जांच में पता चला कि दलाल मुंबई से तत्काल टिकट बुक कर उसे स्कैन करते हैं और दूसरे स्टेशनों पर भेज देते हैं। वहां उन टिकटों का हूबहू प्रिंट निकालकर यात्रियों को ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। गोरखपुर से एलटीटी जा रही कुशीनगर एक्सप्रेस में टीटीई को एक टिकट पर बारकोड नहीं मिला, जिससे शक हुआ। जांच करने पर पता चला कि टिकट एडिट और फर्जी तरीके से प्रिंट किया गया था।
मुंबई पीआरएस सिस्टम का गलत फायदा
बताया गया कि मुंबई में पीआरएस सिस्टम कुछ सेकेंड पहले खुलने से तत्काल टिकट आसानी से बन जाते हैं। इसी का फायदा उठाकर दलाल मुंबई से टिकट बुक कर उसे स्कैन करके अन्य शहरों में बेच रहे हैं। 24 घंटे में भौतिक टिकट पहुंचाना संभव नहीं होता, इसलिए डिजिटल स्कैनिंग का खेल चल रहा है।
RPF की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
आरपीएफ ने 20104 एलटीटी ट्रेन में 9 पुरुष और 2 महिलाओं सहित कुल 11 यात्रियों को पकड़ा। इनके पास फर्जी आधार कार्ड भी मिले। कुल टिकटों की कीमत 12,119 रुपये बताई गई है। इस मामले में रेलवे अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है और कई दलालों की तलाश जारी है।

