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संपादकीय

संपादक की कलम से: कोर्ट की सुरक्षा दरकिनार क्यों?

लखनऊ के एससी-एसटी कोर्ट में कुख्यात संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की हत्या ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की अदालतों और पुलिस अभिरक्षा में…

संपादक की कलम से: विपक्षी एकता का सवाल

लोकसभा चुनाव से पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी एकजुटता की कोशिश कर रहे हैं। वे अपने हर बयान में विपक्षी दलों को…

संपादक की कलम से: पर्यावरण संरक्षण पर एक्शन की जरूरत

योगी सरकार के पहले कार्यकाल में 100 करोड़ पौधों का रोपण किया गया था जिसे दूसरे कार्यकाल में बढ़ाकर 175 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य…

सम्पादक की कलम से : खेलों के विकास को चाहिए मजबूत बुनियाद

Sandesh Wahak Digital Desk : उत्तर प्रदेश के वाराणसी में तीसरे खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का आयोजन पूरे धूमधाम से संपन्न हो…

संपादक की कलम से: ट्रेन हादसे से उठते सवाल

हकीकत यह है कि आज भी कई राज्यों में जर्जर हो चुकी ट्रेन पटरियों को बदला नहीं जा सका है। कई रेलवे पुल अपनी मियाद पूरी कर चुके हैं…

संपादक की कलम से: लोकतंत्र में रेवड़ी कल्चर के नतीजे

कांग्रेस की गहलोत सरकार ने अभी से सौ यूनिट तक फ्री बिजली व पांच सौ में गैस सिलेंडर देने का ऐलान कर एक बार फिर सत्ता के लिए जारी…

संपादक की कलम से: बदलते परिवेश में भारत-नेपाल रिश्ते

प्रचंड की कूटनीति भारत-चीन के तल्ख रिश्तों को देखते हुए नेपाल को दोनों देशों से अधिक से अधिक लाभ दिलाने की है। प्रचंड पर भारत से…

संपादक की कलम से: शीर्ष अदालत की चिंता

मनी लॉन्ड्रिंग (धनशोधन) मामले में फंसे लोगों द्वारा अनुच्छेद 32 के तहत सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंचने पर शीर्ष अदालत न केवल चिंतित है…

संपादक की कलम से: अंतरिक्ष में भारत के बढ़ते कदम

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। संस्था ने जीएसएलवी के जरिए दूसरी पीढ़ी के पहले नौवहन…