लखनऊ में फॉर्मेलिन से भरा टैंकर पलटने से छाई जहरीली धुंध, 50 हजार लोग परेशान, आंखों में जलन और खांसी
Lucknow News: लखनऊ के बख्शी का तालाब (BKT) इलाके में किसान पथ पर सोमवार देर शाम फॉर्मेलिन (Formalin) केमिकल से भरा टैंकर पलटने से हड़कंप मच गया। टैंकर से रिसाव के बाद इलाके में धुंध छा गई और लोगों को आंखों में जलन, खांसी, खुजली और सांस लेने में परेशानी होने लगी। हादसे का असर 10 से ज्यादा गांवों और दर्जनों हॉस्टलों तक पहुंचा। इससे 50 हजार से अधिक लोगों के प्रभावित होने की आशंका जताई गई।
सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं। एहतियातन करीब दो किलोमीटर के इलाके में बैरिकेडिंग की गई और वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया गया। पुलिसकर्मियों को भी परेशानी होने पर उनके लिए मास्क मंगाए गए।
हॉस्टलों में बंद हुए छात्र
पुलिस उपायुक्त उत्तरी अमित आनंद, एसीपी बीकेटी और अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। केमिकल इंडस्ट्री के विशेषज्ञों की टीम को भी बुलाया गया। सड़क पर फैले केमिकल को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया देर रात तक जारी रही।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर बीकेटी चौराहे और महिला थाने तक लोगों को घुटन, खांसी और खुजली की शिकायत हुई। आसपास के क्षेत्र में 50 से ज्यादा हॉस्टल बताए गए हैं। एसआर कॉलेज के हॉस्टल में भी छोटे बच्चे रहते हैं।
हॉस्टल में रहने वाले छात्र वरुण ने बताया कि वह दोस्त अमित के साथ टहल रहे थे, तभी अचानक धुंध छा गई। शुरुआत में उन्हें लगा कि कोहरा है, लेकिन जल्द ही आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी होने लगी। उन्होंने पहले रुमाल से मुंह ढका, फिर उसे गीला करके इस्तेमाल किया और हॉस्टल के कमरे में चले गए। कुछ देर बाद नहाने पर उन्हें राहत मिली।
अस्पतालों में इमरजेंसी व्यवस्था, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
हादसे के बाद रामसागर मिश्रा अस्पताल में डॉक्टरों की टीम को इमरजेंसी के लिए तैयार रखा गया। सौ शैय्या अस्पताल में भी संभावित मरीजों के लिए वार्ड तैयार किया गया। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन अरुण और सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, देर रात तक केमिकल से प्रभावित कोई मरीज इमरजेंसी में नहीं पहुंचा।
Lucknow KGMU के रेस्पिरेटरी एवं पल्मोनरी विभाग के प्रमुख प्रो. सूर्यकांत ने बताया कि फॉर्मेलिन के संपर्क में आने से आंखें लाल होना, जलन, पानी आना, नाक-गले में परेशानी, खांसी, सिरदर्द, चक्कर और उल्टी जैसे लक्षण हो सकते हैं। त्वचा को नुकसान पहुंचने का खतरा भी रहता है। ऑक्सीजन का स्तर 90 से नीचे आने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए।
Lucknow पुलिस ने लोगों से अपील की है कि आंखों या त्वचा में जलन होने पर साफ, ठंडे पानी से अच्छी तरह धोएं। प्रभावित गांवों में मामपुर, बाना, भैंसामऊ, मौर्या नगर, बरगदी और बरगदी कला समेत आसपास की कई बस्तियां शामिल हैं।
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