अदालती कार्यवाही का वीडियो वायरल करने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को भेजा नोटिस
Sandesh Wahak Digital Desk: दिल्ली उच्च न्यायालय ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अन्य को सोशल मीडिया पर अदालती कार्यवाही का वीडियो साझा करने के मामले में नोटिस जारी किया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि न्यायिक प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग को बिना अनुमति सार्वजनिक करना गंभीर विषय है।
न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति मनमीत अरोरा की खंडपीठ ने गूगल, फेसबुक (मेटा) और एक्स (ट्विटर) जैसे प्लेटफॉर्म्स को सख्त निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में हुई सुनवाई से संबंधित सभी वीडियो तुरंत हटाए जाएं।
यह विवाद आबकारी नीति मामले की सुनवाई से जुड़ा है। इस दौरान अरविंद केजरीवाल स्वयं अदालत में पेश हुए थे और अपनी दलीलें पेश की थीं। इस कार्यवाही का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया था। कोर्ट ने कहा, न्यायिक कार्यवाही के वीडियो प्रसारित करने से न्याय प्रक्रिया की गरिमा और शुचिता को ठेस पहुँच सकती है।
इन दिग्गजों को भी मिला नोटिस
उच्च न्यायालय ने न केवल केजरीवाल, बल्कि उन व्यक्तियों और पत्रकारों को भी नोटिस जारी किया है जिन्होंने इस वीडियो को अपलोड किया था, जिनमें पत्रकार रवीश कुमार का नाम भी शामिल है। याचिका में इस कृत्य को अदालत की अवमानना बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
जज को हटाने वाली याचिका खारिज
एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, दिल्ली उच्च न्यायालय ने उस याचिका को भी सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को आबकारी मामले की सुनवाई से हटाने की मांग की गई थी। अदालत ने टिप्पणी की कि जज की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाले आरोप निराधार हैं और इनके पीछे कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं है।
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