कालानमक चावल की खेती बढ़ाएं, गुणवत्ता और ब्रांडिंग पर दें विशेष ध्यान: डीएम
Siddharthnagar News: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद में कालानमक चावल (बुद्धा राइस) की खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया गया है। विकास खंड बर्डपुर के सभागार में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में ‘कालानमक चावल किसान सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष सम्मेलन में कालानमक धान के उत्पादन को बढ़ाने, उसकी उच्च गुणवत्ता बनाए रखने, बेहतर मार्केटिंग, आकर्षक ब्रांडिंग और विदेशों में निर्यात (एक्सपोर्ट) की संभावनाओं पर बारीकी से चर्चा की गई।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कहा कि कालानमक चावल को सिद्धार्थनगर की विशिष्ट पहचान के रूप में ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ODOP) योजना के तहत चुना गया है। उन्होंने गर्व जताते हुए कहा कि पूरे जिले में बर्डपुर ऐसा क्षेत्र है जहां सबसे ज्यादा और सबसे बेहतरीन क्वालिटी का कालानमक चावल उगाया जाता है। भगवान बुद्ध के महाप्रसाद के रूप में विख्यात इस सुगन्धित चावल की मांग अब घरेलू बाजारों के साथ-साथ थाईलैंड और सिंगापुर जैसे देशों में भी तेजी से बढ़ रही है।

खेसरहा में खुला कॉमन फैसिलिटी सेंटर, जैविक खेती पर जोर
जिलाधिकारी ने किसानों को खुशखबरी देते हुए बताया कि कालानमक चावल की बेहतर प्रोसेसिंग के लिए जनपद के खेसरहा में कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना कर दी गई है। इस सेंटर के शुरू होने से अब किसानों को अपनी उपज का और भी शानदार और वाजिब दाम मिल सकेगा।
पारंपरिक खेती से ज्यादा मुनाफा: डीएम ने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक धान के बजाय कालानमक धान की खेती को बड़े पैमाने पर अपनाएं, क्योंकि यह सामान्य धान के मुकाबले किसानों को कई गुना अधिक मुनाफा देती है।

क्वालिटी और पैकेजिंग से बनेगी बात
उन्होंने किसानों को रासायनिक खादों से दूरी बनाने और जैविक खेती को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने दो टूक कहा कि इस चावल की असली ताकत इसकी खुशबू और गुणवत्ता है, इसलिए इसकी शुद्धता से कोई समझौता न हो। वैश्विक बाजार में धाक जमाने के लिए उन्होंने इसकी आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर विशेष बल दिया।
प्रगतिशील किसानों को मिले बीज
इस सम्मेलन में मौजूद कृषि वैज्ञानिक डॉ. सर्वजीत और डॉ. मार्कण्डेय सिंह ने उपस्थित किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की पाठशाला लगाई। उन्होंने बीज शोधन, वैज्ञानिक तरीके से नर्सरी का प्रबंधन, फसलों को रोगों से बचाने के उपाय और सही पोषण प्रबंधन की विस्तार से तकनीकी जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों अशरफी लाल, दिनेश चौधरी, गंगाराम, चंद्र मोहन और सूर्यप्रकाश को कृषि विभाग की ओर से कालानमक धान के उन्नत बीज वितरित किए।
इस मौके पर उप कृषि निदेशक राजेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी रविशंकर पांडेय, जिला उद्यान अधिकारी, डीसी एनआरएलएम, खंड विकास अधिकारी बर्डपुर सहित एफपीओ के प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह की जागरूक महिलाएं और सैकड़ों की संख्या में क्षेत्र के किसान मौजूद रहे।
रिपोर्ट- जाकिर खान
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