संकट के समय में एक-दूसरे का सहयोग करना ही सबसे बड़ा धर्म: मौलाना नूरुल हुदा कासमी

Lucknow News: राजधानी के विकासनगर क्षेत्र में पिछले दिनों हुए भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों को बेघर कर दिया। इस त्रासदी के बीच संत कबीर नगर की सामाजिक संस्था अल फारूक बैतुल माल ने मदद का हाथ बढ़ाते हुए पीड़ितों को राहत पहुँचाई है। बुधवार को संस्था के पदाधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया और अपना सब कुछ गंवा चुके परिवारों को दैनिक उपयोग का सामान वितरित किया।

संकट के समय में एक-दूसरे का सहयोग करना ही सबसे बड़ा धर्म: मौलाना नूरुल हुदा कासमी

300 परिवारों को मिली नई शुरुआत की उम्मीद

संस्था द्वारा सुबह 10 बजे से राहत कार्य शुरू किया गया, जिसके तहत लगभग 300 परिवारों को बर्तन, कपड़े और अन्य घरेलू उपयोग की सामग्री प्रदान की गई। अग्निकांड में आशियाना खो चुके पीड़ितों के लिए यह सहायता जीवन को दोबारा पटरी पर लाने की एक कोशिश है। राहत सामग्री पाकर भावुक हुए परिवारों ने संस्था का आभार व्यक्त किया।

संकट के समय में एक-दूसरे का सहयोग करना ही सबसे बड़ा धर्म: मौलाना नूरुल हुदा कासमी

सेवा में कोई भेदभाव नहीं

‘जामिया उमर फारूक ट्रस्ट’ के चेयरमैन मौलाना नूरुल हुदा कासमी ने इस अवसर पर कहा कि उनकी संस्था बिना किसी जाति या धर्म के भेदभाव के मानवता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, मुश्किल वक्त में एक-दूसरे का सहारा बनना ही सबसे बड़ा धर्म है। मौलाना ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में भी पीड़ितों को जिस तरह की आवश्यकता होगी, संस्था हर संभव मदद के लिए तैयार रहेगी।

सहयोग में जुटे कार्यकर्ता

इस नेक कार्य में संस्था के डिप्टी चेयरमैन मौलाना रहमतुल्लाह नूर कासमी, जनरल सेक्रेटरी फजलुल्लाह नूर, समाजसेवी सईद हाशमी और मोहम्मद अरफात सहित कई सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। संस्था ने संकल्प दोहराया कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की मदद के लिए उनके प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

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