फिर से खुला Hormuz, लेकिन आसान नहीं सफर, ईरान ने जारी की नई गाइडलाइन
US Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू हो गई है। हालांकि कई महीनों से बंद पड़े इस मार्ग पर अब जहाजों की इतनी लंबी कतार लग गई है कि जाम जैसी स्थिति बन गई है।
इसी भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के लिए पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) ने जहाजों के लिए नए और सख्त ट्रांजिट नियम लागू किए हैं।
ऐसे मिलेगा Hormuz से गुजरने का पास
PGSA के नए निर्देशों के मुताबिक किसी भी जहाज को होर्मुज से गुजरने के लिए कम से कम 48 घंटे पहले ट्रांजिट रिक्वेस्ट जमा करनी होगी। आवेदन में जहाज का रूट, यात्रा का उद्देश्य, संपर्क विवरण और तकनीकी जानकारी देना अनिवार्य होगा।
अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि अनुमति मिलने तक जहाज को लगातार संपर्क में रहना होगा। यदि किसी प्रकार की सूचना छिपाई जाती है या संपर्क टूटता है तो उसकी जिम्मेदारी जहाज मालिक की होगी।
युद्ध और तनाव के दौरान होर्मुज क्षेत्र में सुरक्षा कारणों से कई स्थानों पर समुद्री माइंस (बारूदी सुरंगें) बिछाई गई थीं। ऐसे में अथॉरिटी केवल सुरक्षित मार्गों से ही जहाजों को गुजरने की अनुमति दे रही है।
इसी वजह से हर जहाज की अलग-अलग जांच और क्लियरेंस प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है।
दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए क्यों अहम है Hormuz?
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा व्यापार मार्गों में गिना जाता है।
- खाड़ी देशों के करीब 80% तेल और गैस निर्यात का रास्ता यहीं से गुजरता है।
- भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के लिए यह लाइफलाइन माना जाता है।
- भारत अपने कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 40% हिस्सा इसी मार्ग से प्राप्त करता है।
60 दिनों तक नहीं लगेगा कोई शुल्क
अमेरिका-ईरान समझौते के तहत ईरान ने अगले 60 दिनों तक होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर किसी प्रकार का ट्रांजिट, सुरक्षा या पर्यावरण शुल्क नहीं लगाने का फैसला किया है।
रखरखाव और संचालन का पूरा खर्च ईरानी सरकार खुद वहन करेगी ताकि वैश्विक व्यापार सामान्य गति से फिर शुरू हो सके।
PGSA के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार को कम से कम 25 जहाज होर्मुज से सफलतापूर्वक गुजरे। जबकि अप्रैल में पूरे दिन में औसतन केवल 7 से 8 जहाजों को ही अनुमति मिल पा रही थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा स्थिति सामान्य बनी रही तो आने वाले हफ्तों में तेल और गैस की सप्लाई चेन भी तेजी से पटरी पर लौट सकती है।
शांति वार्ता पर भी टिकी नजर
इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित शांति वार्ता फिलहाल टल गई है। इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच बढ़ते संघर्ष तथा लेबनान में हुई एयरस्ट्राइक के बाद यह वार्ता स्थगित करनी पड़ी। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी अपना स्विट्जरलैंड दौरा रद्द कर दिया है।
ऐसे में दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि Hormuz में शुरू हुई सामान्य गतिविधियां कितने समय तक बिना किसी बाधा के जारी रह पाती हैं।
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