क्या पर्दे के पीछे भारत-पाक में चल रही हैं शांति की कोशिशें? एक हफ्ते में 2 बार हुई ट्रैक-2 वार्ता
India Pakistan Track 2 Talks: भारत और पाकिस्तान के बीच आधिकारिक स्तर पर बातचीत पूरी तरह बंद है, लेकिन पर्दे के पीछे तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं। इसी कड़ी में इस हफ्ते दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच ‘ट्रैक-2’ वार्ता का नया दौर आयोजित किया गया, जो श्रीलंका की राजधानी कोलंबो और थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में हुआ।
क्या है इस गुप्त वार्ता का उद्देश्य
WION की रिपोर्ट के अनुसार, इस अनौपचारिक बातचीत का मुख्य मकसद संकट के समय संवाद का तंत्र मजबूत करना और किसी भी संभावित सैन्य टकराव को रोकना व उसे नियंत्रित करना है। इस दौरान दोनों पक्षों ने आतंकवाद और जल विवाद जैसे गंभीर मुद्दों पर अपने विचार और नोट्स साझा किए। साथ ही यह भी चर्चा हुई कि इन ट्रैक-2 बैठकों के निष्कर्षों को भविष्य में सरकारी स्तर यानी ‘ट्रैक-1’ वार्ता तक कैसे पहुंचाया जा सकता है।
पहलगाम हमले के बाद बढ़ा तनाव
मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी, भारत और पाकिस्तान के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण हो गए थे। इसके बाद चार दिनों तक सीमा पर भारी गोलाबारी और ड्रोन हमले भी हुए। 10 मई को युद्धविराम लागू होने के बाद हालात कुछ शांत हुए, लेकिन औपचारिक बातचीत पूरी तरह बंद रही।
तटस्थ जगहों पर हो रही बैठकें, पूर्व अधिकारी निभा रहे भूमिका
सीधी सरकारी बातचीत बंद होने के कारण अब तटस्थ देशों में यह संवाद हो रहा है। इन बैठकों में रिटायर्ड सैन्य अधिकारी, पूर्व राजनयिक, मीडियाकर्मी और शिक्षाविद हिस्सा ले रहे हैं। इससे पहले दोहा में भी ऐसी बैठक हो चुकी है।
भारत का रुख 2019 के बाद से साफ है कि जब तक सीमा पार आतंकवाद खत्म नहीं होता, तब तक पाकिस्तान से बातचीत संभव नहीं है। दोनों देशों के बीच व्यापार, कूटनीति और जनसंपर्क भी बेहद सीमित हैं। हालांकि, इस तरह की ट्रैक-2 कूटनीति को विशेषज्ञ एक व्यावहारिक संवाद का संकेत मान रहे हैं।

