IPL 2026: BCCI ने जारी की सख्त गाइडलाइन, खिलाड़ियों को ‘हनी ट्रैप’ से सतर्क रहने की चेतावनी
Sandesh Wahak Digital Desk: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन, यानी IPL 2026, के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सभी 10 फ्रेंचाइज़ियों के लिए 7 पेज की सख्त गाइडलाइन जारी की है।
अब तक लीग में 50 मैच खेले जा चुके हैं और टूर्नामेंट प्लेऑफ की ओर बढ़ रहा है। इसी अहम मोड़ पर बोर्ड ने खिलाड़ियों, टीम स्टाफ और फ्रेंचाइज़ी मालिकों की सुरक्षा को लेकर नियमों को और कड़ा कर दिया है।
BCCI ने अपनी गाइडलाइन में खास तौर पर खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को हनी ट्रैप जैसे खतरों से सतर्क रहने की सलाह दी है।
बोर्ड का कहना है कि ऐसे मामलों में फंसने से खिलाड़ियों पर गंभीर यौन उत्पीड़न या अनुशासनहीनता के आरोप लग सकते हैं, जिससे न सिर्फ उनका करियर बल्कि लीग की साख भी प्रभावित हो सकती है।
क्या होता है हनी ट्रैप?
हनी ट्रैप का मतलब किसी व्यक्ति को प्रेम, दोस्ती या शारीरिक आकर्षण के जरिए अपने जाल में फंसाना होता है। इसमें जालसाज पहले भरोसा जीतता है और फिर गोपनीय जानकारी हासिल करता है।

कई मामलों में फोटो या वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर व्यक्ति से मनचाही चीजें करवाई जाती हैं। BCCI ने इसे खिलाड़ियों के लिए गंभीर सुरक्षा खतरा बताया है।
BCCI की नई गाइडलाइंस के प्रमुख नियम
BCCI द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कई सख्त प्रावधान शामिल किए गए हैं—
- किसी भी बाहरी व्यक्ति को टीम मैनेजर की लिखित अनुमति के बिना खिलाड़ी या स्टाफ के होटल रूम में प्रवेश नहीं मिलेगा, चाहे वह रिश्तेदार ही क्यों न हो।
- मेहमान केवल तय किए गए एरिया में ही खिलाड़ियों से मिल सकेंगे, होटल रूम तक ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।
- टीम होटल से बाहर जाने के लिए खिलाड़ियों और स्टाफ को SLO/TIO को सूचना देकर अनुमति लेनी होगी।
- SLO/TIO खिलाड़ियों की मूवमेंट का रिकॉर्ड रखेंगे, जिसे जरूरत पड़ने पर BCCI को सौंपना होगा।
- मैच के दौरान फ्रेंचाइज़ी मालिक या उनका स्टाफ डगआउट या प्लेइंग एरिया में बिना विशेष अनुमति के प्रवेश नहीं कर सकेगा।
- खिलाड़ियों और स्टाफ को स्टेडियम, होटल और अभ्यास स्थलों पर हर समय एक्रेडिटेशन कार्ड पहनना अनिवार्य होगा।
- IPL से जुड़े सभी स्थानों—ड्रेसिंग रूम, होटल, डगआउट और अभ्यास स्थल—पर वेप, सिगरेट और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं के सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
अनुशासन और सुरक्षा पर BCCI का फोकस
BCCI का मानना है कि इन सख्त नियमों से खिलाड़ियों की निजी सुरक्षा, अनुशासन और लीग की पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
बोर्ड ने फ्रेंचाइज़ियों को निर्देश दिया है कि वे खिलाड़ियों और स्टाफ को सभी प्रोटोकॉल की पूरी जानकारी दें, ताकि नियमों की अनदेखी का कोई बहाना न रहे।
IPL 2026 के अहम पड़ाव पर BCCI का यह कदम साफ संकेत देता है कि बोर्ड अब मैदान के भीतर ही नहीं, बल्कि मैदान के बाहर भी खिलाड़ियों की सुरक्षा और लीग की साख को लेकर किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता।

