होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का सख्त पहरा, जहाजों की आवाजाही पर रहेगा नियंत्रण
Sandesh Wahak Digital Desk: ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने शनिवार को एक कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर उसकी सख्त निगरानी और नियंत्रण तब तक जारी रहेगा, जब तक क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित नहीं हो जाती। यह बयान ईरान की मुख्य सैन्य कमान ‘खातम अल-अनबिया सेंट्रल मुख्यालय’ द्वारा शनिवार को दी गई उस जानकारी के बाद आया है, जिसमें अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी के विरोध में जलडमरूमध्य पर दोबारा प्रतिबंध लगाने की बात कही गई थी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, एसएनएससी ने स्पष्ट किया है कि वह अब इस सामरिक मार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए नई व्यवस्था लागू करेगा। सभी जहाजों को अपनी विस्तृत जानकारी ईरान के साथ साझा करनी होगी। जहाजों को आने-जाने के लिए आधिकारिक अनुमति लेनी होगी। इसके साथ ही सुरक्षा और पर्यावरण सेवाओं के नाम पर शुल्क भी वसूला जाएगा। जहाजों की आवाजाही पूरी तरह से ईरान की सैन्य और युद्धकालीन व्यवस्था के अधीन होगी।
युद्धविराम समझौते पर संकट
ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका द्वारा जारी नौसैनिक नाकेबंदी वर्तमान दो-सप्ताह के संघर्ष-विराम (जो 8 अप्रैल से शुरू हुआ था) का सीधा उल्लंघन है। ईरानी सुरक्षा परिषद ने साफ किया है कि जब तक दुश्मन जहाजों के आवागमन में बाधा डालेगा, तब तक ईरान इस जलडमरूमध्य को सशर्त और सीमित रूप से ही खोलने की अनुमति देगा। ईरान ने यह भी रेखांकित किया कि पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों तक पहुंचने वाली रसद का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है, जिसे वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित खतरा मानता है।
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