ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी, बोला- हम युद्ध नहीं, संवाद चाहते हैं
Sandesh Wahak Digital Desk: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। एक सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, राष्ट्रपति ने साफ किया है कि ईरान किसी भी सैन्य टकराव के पक्ष में नहीं है और विवादों का हल केवल संवाद (Dialogues) के जरिए ही निकाला जा सकता है। हालांकि, इस शांति संदेश के साथ ही उन्होंने अमेरिका को दो-टूक चेतावनी भी दी है।
ईरानी राष्ट्रपति ने वैश्विक समुदाय और विशेषकर अमेरिका को संबोधित करते हुए कहा, ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन उसे आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने हालिया हमलों में स्कूलों, अस्पतालों और नागरिकों को निशाना बनाए जाने पर सवाल खड़े किए और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ बताया। उन्होंने दोहराया कि ईरान शांति चाहता है, लेकिन अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।
36 घंटे में थमा ईरान का समुद्री व्यापार
मिडिल ईस्ट में शांति बहाली के लिए इस्लामाबाद में 9-10 अप्रैल को एक बड़ी बैठक हुई थी, लेकिन कई दौर की चर्चा के बाद भी यह बेनतीजा रही। इसके बाद हालात और बिगड़ गए। अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ किया कि बातचीत विफल होने का खामियाजा ईरान को भुगतना पड़ेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की निगरानी अमेरिकी सेना करेगी। उन्होंने ईरान को दिए जाने वाले कथित ‘टोल’ को रोकने और क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ाने की बात कही। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि ईरान की नाकेबंदी सफलतापूर्वक लागू कर दी गई है। एडमिरल ब्रैड कूपर के अनुसार, नाकेबंदी शुरू होने के मात्र 36 घंटों के भीतर ईरान से होने वाले समुद्री व्यापार को पूरी तरह रोक दिया गया है।
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