कानपुर किडनी कांड: मास्टरमाइंड डॉ. रोहित गिरफ्तार, 25 हजार का था इनामी, ‘काले कारोबार’ का खुला राज
Sandesh Wahak Digital Desk: कानपुर के चर्चित किडनी ट्रांसप्लांट कांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। गैंग के सरगना डॉ. रोहित को कमिश्नरेट पुलिस ने सोमवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि डॉ. रोहित पर 4 दिन पहले ही 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस अब उसके दो अन्य साथियों, डॉ. अफजल और ओटी मैनेजर मुद्दसर अली (डॉ. अली) की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
एनेस्थीसिया स्पेशलिस्ट ही था ‘किंगपिन’
गिरफ्तार ओटी टेक्नीशियनों ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। डॉ. रोहित मूल रूप से एनेस्थीसिया स्पेशलिस्ट है और किडनी ट्रांसप्लांट के अवैध ऑपरेशन के दौरान मरीजों को बेहोश करने का काम वही करता था। दिल्ली के द्वारका का रहने वाला डॉ. अली मुख्य सर्जन था जो किडनी निकालने और लगाने का काम करता था। वह अपने साथ एक डॉक्टर और दो असिस्टेंट की पूरी टीम लेकर चलता था।
ग्रेटर नोएडा के अस्पताल से जुड़े तार: सेमिनार में हुई थी मुलाकात
पूछताछ में पता चला है कि इस काले कारोबार का जाल बेहद पेशेवर तरीके से बुना गया था। गिरफ्तार आरोपी राजेश कुमार ग्रेटर नोएडा वेस्ट के ‘सर्वोदय हॉस्पिटल’ में ओटी मैनेजर है, जिसे 70 हजार रुपये वेतन मिलता है। राजेश ने बताया कि तीन साल पहले गाजियाबाद के वैशाली हॉस्पिटल में एक सेमिनार के दौरान उसकी मुलाकात डॉ. रोहित से हुई थी।
डॉ. रोहित ने राजेश की विशेषज्ञता देख उसे अपने साथ काम करने का ऑफर दिया और अपना ‘पूरा एजेंडा’ समझाया, जिसके बाद राजेश और कुलदीप सिंह राघव इस गैंग में शामिल हो गए।
कानपुर के तीन अस्पतालों में फैला था नेटवर्क
पुलिस की अब तक की जांच में कानपुर के तीन प्रमुख अस्पतालों के नाम सामने आए हैं।
आहूजा हॉस्पिटल (केशवपुरम): यहां अवैध तरीके से ऑपरेशन किए जाते थे। संचालक डॉ. प्रीति आहूजा और उनके पति जेल में हैं।
मेडलाइफ हॉस्पिटल (कल्याणपुर): यहां डोनर्स को रखा जाता था। मालिक राजेश कुमार और राम प्रकाश कुशवाहा जेल जा चुके हैं।
प्रिया अस्पताल: यहां के डीलक्स रूम में मरीजों को भर्ती किया जाता था। संचालक नरेंद्र सिंह सलाखों के पीछे हैं।
गिरफ्तारी पर संशय: मेरठ या रावतपुर?
पुलिस का दावा है कि डॉ. रोहित को रावतपुर के इंदिरानगर से गिरफ्तार किया गया है, जबकि सूत्रों का कहना है कि उसे मेरठ से उठाया गया है। पुलिस फिलहाल डॉ. रोहित से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गैंग ने अब तक कितने लोगों की किडनी का अवैध सौदा किया है। पुलिस ने इस गैंग का खुलासा करते हुए अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार कर लिए हैं।
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