करण भूषण सिंह को 18 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का आदेश
Gonda News: कैसरगंज से भारतीय जनता पार्टी के सांसद करण भूषण शरण सिंह की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े एक मामले में गोंडा की एमपी-एमएलए (MP-MLA) अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने सांसद द्वारा दाखिल व्यक्तिगत पेशी से छूट की अर्जी को निरस्त करते हुए उन्हें आगामी 18 सितंबर को स्वयं कोर्ट में हाजिर होने का सख्त निर्देश दिया है।
हाजिरी माफी का आवेदन खारिज
मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के विशेष मजिस्ट्रेट अंशुमान धुन्ना की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान सांसद की अनुपस्थिति पर उनके वकील ने व्यक्तिगत पेशी से छूट का आवेदन प्रस्तुत किया था, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता बृजलाल तिवारी और अभियोजन अधिकारी देवेंद्र सिंह के अनुसार, अभियोजन पक्ष की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अब बचाव पक्ष को अपनी अंतिम दलीलें रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। कोर्ट द्वारा 18 सितंबर को अंतिम फैसले और सांसद की उपस्थिति की तारीख तय किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
बिना अनुमति गाड़ियों के काफिले से शक्ति प्रदर्शन का आरोप
यह पूरा मामला 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान का है। 4 मई 2024 को भाजपा प्रत्याशी के रूप में करण भूषण शरण सिंह अपने समर्थकों और वाहनों के लंबे काफिले के साथ तरबगंज थाना क्षेत्र स्थित बेलसर चौराहे पर पहुंचे थे। आरोप है कि चुनाव आयोग द्वारा लागू आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए बिना पूर्व अनुमति के गाड़ियों और भीड़ का बड़ा जमावड़ा किया गया। इस शक्ति प्रदर्शन की तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद फ्लाइंग स्क्वाड टीम (FST) के प्रभारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
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