केशव मौर्य के कड़े निर्देश, रिक्त पदों पर भर्ती से लेकर सड़कों तक के लिए बनाएं एक्शन प्लान

Lucknow News: लखनऊ में आयोजित ग्राम्य विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विभाग की प्राथमिकताओं और भावी रणनीतियों की व्यापक समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि डबल इंजन सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का मूल उद्देश्य गांव, गरीब, किसान, महिला और श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि योजनाओं को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रखकर टीम भावना, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ धरातल पर उतारा जाए।

रिक्त पदों पर तुरंत भर्ती और कर्मचारियों के हित में बड़े फैसले

समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (UPRRDA), राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM), UPSIRD और DRDA में खाली पड़े पदों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी रिक्त पदों का अधियाचन बिना किसी विलंब के संबंधित भर्ती आयोगों को भेजा जाए, ताकि मानव संसाधन की कमी दूर हो सके।

कर्मचारियों और जमीनी कार्यकर्ताओं के हितों का ध्यान रखते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों, रोजगार सेवकों, बीआरपी, सीआरपी और ‘वीबीजी-राम-जी’ योजना के श्रमिकों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा। इसके साथ ही, रोजगार सेवकों के ईपीएफ भुगतान से जुड़ी समस्याओं के पारदर्शी और समयबद्ध समाधान का सख्त निर्देश दिया।

वीबीजी-राम-जी योजना, आवास और ग्राम चौपाल पर जोर

विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी ग्रामीण अधिनियम (वीबीजी-राम-जी योजना) की समीक्षा करते हुए उन्होंने बजट आवंटन और उपयोग की गति बढ़ाने तथा जिला स्तर पर वित्तीय अधिकारों का स्पष्ट बंटवारा करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम प्रधानों की समस्याओं के समाधान के लिए ब्लॉक स्तर पर अधिकारी समिति गठित करने और योजना में महिला श्रमिकों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को तय समयसीमा में मकान उपलब्ध कराने और निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। वहीं, ‘ग्राम चौपाल’ को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसका नियमित कैलेंडर तैयार करने और हर शुक्रवार को प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

केशव मौर्य के कड़े निर्देश, रिक्त पदों पर भर्ती से लेकर सड़कों तक के लिए बनाएं एक्शन प्लान

भ्रष्टाचार पर नकेल और जांच समितियों का गठन

आजीविका मिशन के तहत जिलेवार ई-रिक्शा खरीद में भिन्नता और डीएम/बीएमएम की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों का संज्ञान लेते हुए उप मुख्यमंत्री ने तीन-तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समितियां गठित करने के आदेश दिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि कोई भी नियमित कर्मचारी अपने किसी रिश्तेदार को विभागीय योजनाओं में अनुचित लाभ न पहुंचाए; शिकायत सही पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

आधुनिक तकनीक से सड़क निर्माण और अन्य दिशा-निर्देश

ग्रामीण सड़कों की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में एफडीआर (FDR) तकनीक के व्यापक उपयोग और कार्बन क्रेडिट योजना की संभावनाओं को तलाशने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश सड़कों के निर्माण में देश का नंबर वन राज्य बन सके। इसके अलावा, यूपीएसआईआरडी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का स्पष्ट रोस्टर बनाने, निर्माणाधीन प्रशिक्षण भवनों का काम जल्द पूरा करने, लगाए गए पौधों के संरक्षण की जवाबदेही तय करने और विधायक निधि के आवंटन व कार्यान्वयन में तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए।

Also Read: मायावती ने फिर चला सोशल इंजीनियरिंग वाला दांव, 2027 के लिए सतीश चंद्र मिश्र को दी बड़ी चुनावी जिम्मेदारी

Get real time updates directly on you device, subscribe now.