कुशीनगर में लूट की कहानी निकली फर्जी, गांजा तस्करी में शामिल 4 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज

Kushinagar News: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रामकोला क्षेत्र में जिस घटना को लूट बताकर सनसनी फैलाई गई थी, पुलिस की गहराई से की गई जांच में वह पूरी तरह फर्जी निकली। असल में यह मामला गांजा तस्करी से कमाए गए काले धन को आपस में बांटने और हड़पने की एक सोची-समझी साजिश थी।

शुरुआती जांच में पुलिस को लगा कि यह लूट की कोई साधारण वारदात है, लेकिन जैसे-जैसे कड़ियाँ जुड़ीं, परतें खुलती चली गईं। पता चला कि जिस रकम की लूट की बात कही जा रही थी, वह दरअसल गांजा तस्करी से कमाई गई थी। तस्करों और उनके मददगारों ने मिलकर इस फर्जी लूट का नाटक रचा ताकि पुलिस और दूसरों की नजरों से उस मोटी रकम को छिपाया जा सके।

मास्टरमाइंड निकला सिपाही, 4 पर गिरी गाज

इस मामले ने तब सबसे ज्यादा चौंकाया जब इसमें पुलिस विभाग के ही चार सिपाहियों की सीधी संलिप्तता सामने आई। जांच के अनुसार, सिपाही सूरज गिरी इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। आरोप है कि वह तस्करी के पैसों को सीधे अपने बैंक खाते में मंगवाता था। उसके साथ सिपाही जितेंद्र, विनोद और नितेश के नाम भी इस संगठित गिरोह में शामिल हैं। आरोप है कि ये चारों सिपाही करीब 8 तस्करों के साथ मिलकर अवैध गांजा तस्करी का नेटवर्क चला रहे थे।

रामकोला लूट कांड की आड़ में चल रहे इस बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। अपने ही साथियों की इस करतूत से पुलिस विभाग की काफी किरकिरी हो रही है। चारों आरोपी सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस अब उन 8 तस्करों की तलाश में जुटी है जो इस गिरोह का हिस्सा थे।

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