Kushinagar News: कमर्शियल LPG के लिए नए नियम लागू, इनको मिलेगी प्राथमिकता

Sandesh Wahak Digital Desk: प्रदेश में जारी एलपीजी संकट के बीच कुशीनगर जिला प्रशासन ने वाणिज्यिक एलपीजी (Commercial LPG) के आवंटन को लेकर नई नियमावली जारी कर दी है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय और उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों का हवाला देते हुए जनपद के सभी विक्रय अधिकारियों (LPG) को प्राथमिकता के आधार पर गैस वितरण सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।

किसे मिलेगी प्राथमिकता?

नए नियमों के अनुसार, एलपीजी संकट से पूर्व की स्थिति के सापेक्ष केवल 50 प्रतिशत वाणिज्यिक एलपीजी का ही आवंटन किया जाएगा। इसमें निम्नलिखित क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।

खाद्य क्षेत्र: रेस्टोरेंट, ढाबा, होटल और औद्योगिक कैंटीन।

आवश्यक इकाइयां: खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) और डेयरी इकाइयां।

जन कल्याण: राज्य सरकार या स्थानीय निकायों द्वारा संचालित रियायती कैंटीन, सामुदायिक रसोई।

श्रमिक सहायता: प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम एफटीएल (FTL) श्रेणी के सिलेंडर।

पंजीकरण और पीएनजी (PNG) कनेक्शन अनिवार्य

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब बिना रजिस्ट्रेशन के कमर्शियल सिलेंडर प्राप्त करना संभव नहीं होगा।

OMC रजिस्ट्रेशन: सभी वाणिज्यिक एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं को संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनी (ओएमसी) के पास अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य है। कंपनियों को उपभोक्ताओं के उपभोग का पूरा डेटाबेस सुरक्षित रखना होगा।

PNG के लिए आवेदन: सभी कमर्शियल उपभोक्ताओं को अपने क्षेत्र में संचालित सिटी गैस वितरण इकाई के साथ पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन के लिए आवेदन करना भी आवश्यक होगा, ताकि भविष्य में एलपीजी पर निर्भरता कम की जा सके।

पुराना डेटा और जवाबदेही

जिलाधिकारी ने समस्त एलपीजी विक्रय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे वर्ष 2025 तथा जनवरी-फरवरी 2026 के दौरान वितरित किए गए सिलेंडरों का पूरा विवरण तत्काल उपलब्ध कराएं। डीएम ने चेतावनी दी है कि भारत सरकार के निर्देशों का कड़ाई से पालन हो और निर्धारित समय सीमा में अनुपालन आख्या प्रेषित की जाए।

रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल

 

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