Kushinagar News: 31 मार्च तक निपटाएं सरकारी भुगतान, डीएम ने जारी किए सख्त निर्देश
वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति पर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर का एक्शन, लापरवाही पर आहरण-वितरण अधिकारी होंगे जिम्मेदार, 31 मार्च दोपहर 3 बजे तक ही स्वीकार होंगे बिल
Sandesh Wahak Digital Desk: वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति को देखते हुए कुशीनगर के जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर ने जनपद के सभी आहरण एवं वितरण अधिकारियों (DDO) और कार्यालयाध्यक्षों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। डीएम ने स्पष्ट किया है कि शासन के निर्णयानुसार समस्त शासकीय भुगतान अनिवार्य रूप से ई-पेमेंट प्रणाली के माध्यम से ही किए जाएंगे। उन्होंने बजट के समयबद्ध उपयोग और देयकों के त्वरित निस्तारण के लिए समय-सीमा निर्धारित कर दी है।
31 मार्च की समय-सीमा: शाम 5 बजे बंद होगा पोर्टल
डीएम ने कोषागार (Treasury) नियमों का हवाला देते हुए भुगतान प्रक्रिया के लिए अंतिम डेडलाइन तय की है। यदि किसी कारणवश बिल पहले जमा नहीं हो पाए हैं, तो वे 31 मार्च को दोपहर 3:00 बजे तक ही कोषागार में स्वीकार किए जाएंगे। पारित बिलों का ई-पेमेंट ट्रांजेक्शन अप्रूवल 31 मार्च की सायं 5:00 बजे तक ही किया जा सकेगा। इसके बाद कोई भी भुगतान पोर्टल से संभव नहीं होगा। वर्ष 2013-14 से लागू ई-पेमेंट व्यवस्था के तहत ही सभी भुगतान होंगे, चेक या अन्य माध्यमों से भुगतान स्वीकार्य नहीं होगा।
दस्तावेजों की शुचिता और अधिकारियों की जिम्मेदारी
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि अंतिम समय की भागदौड़ से बचने के लिए सभी आहरण एवं वितरण अधिकारी अपने देयकों को आवश्यक स्वीकृति आदेश और वांछित प्रपत्रों के साथ तैयार रखें। डीएम ने स्पष्ट लहजे में कहा है कि निर्देशों के अनुपालन में शिथिलता या समय पर आहरण न होने के कारण यदि कोई धनराशि व्यपगत (Lapse) होती है, तो इसके लिए संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी स्वयं उत्तरदायी होंगे।
कोषागार की भूमिका
कोषागार को प्राप्त बिलों की आवश्यक जांच के उपरांत ‘मासिंग’ (Massing) की कार्यवाही करते हुए ई-पेमेंट के लिए अथराइजेशन की प्रक्रिया समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। इस कदम का उद्देश्य वित्तीय वर्ष के अंत में सरकारी धन का पारदर्शी और नियमानुसार व्यय सुनिश्चित करना है।
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल
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