Lucknow News: 15 किमी का घेरा और 150 CCTV कैमरे, कैसरबाग पुलिस ने ऐसे दबोचे 3 टप्पेबाज
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के कैसरबाग थाना क्षेत्र में राह चलती महिलाओं को निशाना बनाने वाले शातिर टप्पेबाजों के गिरोह का पुलिस ने शनिवार को पर्दाफाश किया है। पुलिस ने महज एक सप्ताह के भीतर करीब 15 किलोमीटर के दायरे में लगे 150 सीसीटीवी कैमरों को खंगालकर तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से लूटा गया सोने का लॉकेट और कान के टॉप्स बरामद हुए हैं।
विधानसभा मार्ग पर महिला को बनाया था शिकार
मामला 4 अप्रैल 2026 का है, जब पुराना बरफ खाना निवासी पिंकी नामक महिला को इन टप्पेबाजों ने विधानसभा मार्ग पर अपना शिकार बनाया था। अभियुक्तों ने महिला को बातों में उलझाया और झांसा देकर उसके सोने के टॉप्स और मंगलसूत्र का लॉकेट उतरवा लिए। घटना के बाद पीड़िता ने थाना कैसरबाग में मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस की ‘डिजिटल’ घेराबंदी और गिरफ्तारी
डीसीपी पश्चिमी के निर्देशन में कैसरबाग पुलिस ने इस केस को चुनौती के रूप में लिया। पुलिस टीम ने कैसरबाग से लेकर आसपास के 15 किलोमीटर के रूट पर लगे 150 से अधिक कैमरों के फुटेज खंगाले। शनिवार तड़के मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सआदत अली मकबरे के पास घेराबंदी की। पुलिस को देख भाग रहे तीन संदिग्धों को हिकमत अमली से दबोच लिया गया।
पकड़े गए अभियुक्तों का विवरण
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान फिरोजाबाद निवासी शंकर राठौर (33), सुनील राठौर (22) और लखनऊ के बीकेटी निवासी प्रदीप राय (24) के रूप में हुई है। पूछताछ में शंकर राठौर का लंबा आपराधिक इतिहास सामने आया है, जिसके खिलाफ बदायूं और गोरखपुर में भी धोखाधड़ी और एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज हैं।
नशे की लत और ‘सीधी-सादी’ महिलाएं
अभियुक्तों ने पूछताछ में कबूला कि वे नशे के आदी हैं और अपनी लत पूरी करने के लिए वारदातों को अंजाम देते हैं। वे अक्सर बाजार या भीड़भाड़ वाले इलाकों में ‘सीधी-सादी’ दिखने वाली महिलाओं को विश्वास में लेते थे और उन्हें लालच या झांसा देकर उनके जेवर उतरवा लेते थे। बरामद जेवरों को ये हजरतगंज इलाके में बेचने की फिराक में थे, तभी पकड़े गए।
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