Lucknow News: ‘योगी जी ने हवाई चप्पल वालों को हवाई जहाज में बैठाया’, जेवर से पहली उड़ान भरकर लखनऊ पहुंचे किसान
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सोमवार को लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के लिए पहली व्यावसायिक उड़ान सफलतापूर्वक संचालित की गई।
इस ऐतिहासिक उड़ान में जेवर क्षेत्र के वे स्थानीय किसान यात्री बने, जिन्होंने एयरपोर्ट परियोजना के लिए अपनी भूमि सरकार को सौंपी थी।
सरकार की पहल का उद्देश्य भूमिदाता किसानों का सम्मान बढ़ाना और उन्हें विकास यात्रा का सहभागी बनाना रहा।
पहली उड़ान से राजधानी पहुंचे किसानों के चेहरों पर गर्व और भावुकता साफ झलक रही थी।
महिला, बुजुर्ग और युवा किसानों ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया—अपने ही गांव की जमीन से उड़ान भरकर सीधे राजधानी पहुंचना उनके लिए सपने के सच होने जैसा था।
‘हवाई चप्पल वालों को हवाई जहाज में बैठाया’
लखनऊ पहुंचने पर किसान धर्मवीर शर्मा और हाजी जफर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह का आभार जताया।
किसानों ने कहा कि सरकार ने किए गए वादों को निभाया है और यह साबित किया है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है।

“हवाई चप्पल पहनने वाले किसान आज सम्मान के साथ हवाई जहाज में बैठे—यह गर्व का क्षण है,” उन्होंने कहा।
महिला किसानों का सपना हुआ साकार
इस उड़ान में शामिल महिला किसान पूनम, सुमन, मीनू और हिरा रशीद ने बताया कि भूमि अधिग्रहण के बाद आज पहली बार उन्होंने अपनी जमीन को आसमान से देखा।
पूनम ने कहा कि वे मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ आई हैं, वहीं सुमन ने इसे वर्षों पुराना सपना बताया। मीनू ने इसे जीवन का यादगार अनुभव करार दिया।
‘सम्मान मिला, सिर्फ मुआवजा नहीं’
किसान इकबाल कल्लू ने कहा कि सरकार ने केवल मुआवजा ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें विकास का भागीदार भी बनाया।
बुजुर्ग किसान जयवीर और जयकरन सिंह ने बताया कि उन्होंने कई सरकारें देखीं, पर किसानों को ऐसा सम्मान पहले नहीं मिला। किसानों के मुताबिक भूमि अधिग्रहण के दौरान घर-घर जाकर सहमति ली गई, जिससे विश्वास बना।
किसानों का मानना है कि विश्वस्तरीय एयरपोर्ट के निर्माण से क्षेत्र में रोजगार, निवेश और आने वाली पीढ़ियों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
यह पहली उड़ान न केवल बुनियादी ढांचे की उपलब्धि है, बल्कि समावेशी विकास की मिसाल भी बनकर सामने आई है।

