मणिपुर में फिर पसरा सन्नाटा, हिंसा के बाद 5 जिलों में कर्फ्यू और इंटरनेट बंद
Sandesh Wahak Digital Desk: मणिपुर एक बार फिर हिंसा की आग में झुलस उठा है। बिष्णुपुर जिले में हुए एक दिल दहला देने वाले बम हमले ने पूरे राज्य को तनाव में डाल दिया है। इस हमले में घर के अंदर सो रहे दो मासूम बच्चों की जान चली गई, जिसके बाद घाटी के पांच जिलों में हालात बेकाबू हो गए। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इंफाल पूर्वी, पश्चिमी, बिष्णुपुर, थौबल और काकचिंग में कर्फ्यू लगा दिया है और इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी हैं।
हिंसा की शुरुआत मंगलवार तड़के हुई, जब बिष्णुपुर के मोइरांग त्रोंगलाओबी में संदिग्ध उग्रवादियों ने एक घर को निशाना बनाकर बम फेंका। उस वक्त परिवार गहरी नींद में था। इस कायराना हमले में 5 साल के एक मासूम और उसकी महज 6 महीने की बहन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी माँ गंभीर रूप से घायल हैं।
गुस्से में सड़क पर उतरे लोग, सुरक्षाबलों से झड़प
बच्चों की मौत की खबर फैलते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इंफाल की सड़कों पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया गया और हत्यारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठी।
CRPF कैंप पर हमला: सुरक्षाबलों द्वारा उग्रवादियों पर कार्रवाई न करने से नाराज करीब 400 लोगों की भीड़ ने CRPF कैंप की ओर कूच किया। इस दौरान हुई फायरिंग में 2 और लोगों की मौत हो गई और करीब 20 लोग घायल हुए हैं।
आंसू गैस के गोले: मंगलवार देर रात तक प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच लुका-छिपी चलती रही। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों को आंसू गैस के गोलों का सहारा लेना पड़ा।
NIA करेगी मामले की जांच
मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने एक सर्वदलीय बैठक बुलाई और आश्वासन दिया कि मासूमों की हत्या के इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी जाएगी। राजनीतिक दलों ने भी जनता से शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।
Also Read: पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी ने भवानीपुर से भरा नामांकन, कल असम, केरल और पुडुचेरी में वोटिंग

