लखनऊ में सीएम योगी के नेतृत्व में निकला विशाल जनाक्रोश मार्च, नारी शक्ति ने विरोधियों के खिलाफ भरी हुंकार
Lucknow News: महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्षी दलों, विशेषकर सपा और कांग्रेस के रुख के खिलाफ मंगलवार को राजधानी लखनऊ की सड़कें नारी शक्ति के नारों से गूँज उठीं। भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के घटक दलों ने मुख्यमंत्री आवास से विधान भवन तक एक विशाल महिला जनाक्रोश मार्च निकालकर अपना अब तक का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया।
मार्च की शुरुआत मुख्यमंत्री आवास (5 कालिदास मार्ग) से हुई, जिसका नेतृत्व स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। हजारों की संख्या में उमड़ी महिलाओं को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा, मोदी सरकार महिलाओं को उनका अधिकार देना चाहती है, लेकिन सपा-कांग्रेस अपनी संकुचित मानसिकता के कारण रोड़े अटका रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी के शब्दों को दोहराते हुए कहा कि देश में केवल चार जातियां हैं- महिला, गरीब, युवा और किसान, जिसमें महिला सर्वोपरि है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने 2029 में आरक्षण लागू करने की राह में बाधा उत्पन्न कर महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है।

आरक्षण नहीं, तो वोट नहीं का संकल्प
मार्च के दौरान भाजपा के दिग्गजों ने मंच से तीखे प्रहार किए। उन्होंने महिलाओं को संकल्प दिलाया कि अगर महिलाओं को आरक्षण नहीं, तो सपा और कांग्रेस को वोट नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा की दुरभिसंधि (साजिश) के कारण पार्लियामेंट में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोका गया है।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने तंज कसा कि 20% के चक्कर में 80% का नुकसान कराने वाली सपा-कांग्रेस मोदी विरोध में अंधी हो गई है। इसी क्रम में राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने दावा किया कि आधी आबादी इस अपमान के लिए विपक्ष को कभी माफ नहीं करेगी।
यह पदयात्रा हजरतगंज चौराहा, सिविल अस्पताल होते हुए विधान भवन पर जाकर संपन्न हुई। भाजपा के साथ-साथ एनडीए के सहयोगी दलों के नेता भी मुख्यमंत्री के साथ कदम से कदम मिलाकर चले। भारी भीड़ को देखते हुए हजरतगंज, जीपीओ और विधानसभा मार्ग पर सुबह से ही व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया था। पूरे रास्ते महिला कार्यकर्ता नारी विरोधी सपा-कांग्रेस और मोदी सरकार जिंदाबाद के नारे लगाती रहीं।
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