नीट विवाद और आंदोलनों पर मायावती बोलीं- राजनीतिकरण से बिगड़ रहे हालात, बातचीत से निकले हल
Lucknow News: नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन और उससे उपजे राजनीतिक घमासान पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि नीट समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और धांधली के कारण लाखों युवाओं और उनके परिवारों का भविष्य अधर में लटक गया है। मायावती ने मांग की कि सरकार और संवैधानिक संस्थाओं को इस गंभीर संकट का तुरंत समाधान खोजना चाहिए।
भ्रष्टाचार की दीमक से खोखली हो रही व्यवस्था
बसपा अध्यक्ष ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और गबन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि चाहे परीक्षा में धांधली हो या धार्मिक स्थलों पर भ्रष्टाचार, ये सभी बिगड़ती व्यवस्था का नतीजा हैं। डॉ. भीमराव आंबेडकर की संवैधानिक नैतिकता का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्यों की कमी के कारण भ्रष्टाचार दीमक की तरह देश को खोखला कर रहा है।
1.काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का देश की राजधानी नई दिल्ली में संसद के नज़दीक जन्तर मन्तर में पिछले कई दिनों से, ख़ासकर मेडिकल की नीट जैसी विशेष परीक्षा आदि में पेपरलीक व अन्य गड़बडियों के दुष्परिणामों से छात्र-छात्राओं व उनके परिवार के काफी बुरी तरह से प्रभावित हो रहे जीवन को…
— Mayawati (@Mayawati) July 23, 2026
शांतिपूर्ण संवाद से निकाले समाधान
मायावती ने राजनीतिक दलों द्वारा छात्र आंदोलन का दुरुपयोग करने की नीयत पर सवाल खड़े किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क से लेकर संसद तक का टकराव या हिंसा किसी के हित में नहीं है। बसपा प्रमुख ने सरकार और न्यायपालिका से इस संवेदनशील मुद्दे पर हस्तक्षेप करने तथा आंदोलनकारियों से संवाद के जरिए शांतिपूर्ण हल निकालने की अपील की, ताकि छात्रों के अधिकार सुरक्षित रहें।
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