धर्मेंद्र प्रधान समेत इन मंत्रियों पर संकट, कई नए चेहरों को मिल सकता है मौका

Modi Cabinet Reshuffle: कैबिनेट फेरबदल को लेकर देश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि मंगलवार को केंद्र सरकार की ओर से बड़ा ऐलान किया जा सकता है। हालांकि, सरकार ने अभी तक इसकी आधिकारिक तारीख की पुष्टि नहीं की है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से भारत लौटने के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बदलाव किए जा सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अधिक चर्चा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नाम को लेकर हो रही है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि एनडीए नेतृत्व उनके बारे में क्या फैसला करेगा।

नए चेहरों और मंत्रियों के बदलाव की चर्चा

इस बार के संभावित कैबिनेट फेरबदल को खास माना जा रहा है क्योंकि हाल ही में अलग-अलग दलों से एनडीए को समर्थन देने वाले नेताओं को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) और आम आदमी पार्टी के कुछ सांसदों ने एनडीए का समर्थन किया था। इसी वजह से नए राजनीतिक समीकरणों को भी ध्यान में रखा जा रहा है।

अटकलों के अनुसार भाजपा सांसद अरुण गोविल, शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे, पूर्व आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, संजय दीना पाटिल, वीडी शर्मा, तरुण चुघ और राघव चड्ढा जैसे नामों पर चर्चा चल रही है। हालांकि, इन नामों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

विदेश दौरे और संसद सत्र के बीच बढ़ीं अटकलें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स दौरे पर हैं। इसके बाद 1 से 3 जुलाई के बीच जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची भारत आएंगी। वहीं 6 से 11 जुलाई के बीच प्रधानमंत्री के इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे की भी संभावना है। इसी व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए कैबिनेट फेरबदल की तारीख तय किए जाने की चर्चा है।

संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू होकर अगस्त तक चलेगा, इसलिए उससे पहले बदलाव होने की संभावना जताई जा रही है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद यह पहला संभावित कैबिनेट फेरबदल होगा।

सूत्रों के अनुसार धर्मेंद्र प्रधान, रवनीत सिंह बिट्टू और हरदीप सिंह पुरी के विभागों में बदलाव या उन्हें नई जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है। मंत्री बीएल वर्मा का राज्यसभा कार्यकाल भी नवंबर में समाप्त हो रहा है। इसके अलावा छह राज्य मंत्रियों के बदलने और मनोहर लाल खट्टर तथा निर्मला सीतारमण के मंत्रालयों में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि क्षेत्रीय, राज्यवार, जातीय और राजनीतिक संतुलन बनाए रखने के लिए मंत्रिपरिषद में नए चेहरों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, अंतिम फैसला सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

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