Sandesh Wahak Digital Desk: नेपाल की राजनीति में हालिया बदलाव के बीच नए प्रधानमंत्री बालेन शाह एक अलग ही वजह से चर्चा में हैं।
सत्ता संभालने के कुछ ही दिनों के भीतर उनका नया गीत जय महाकाली सोशल मीडिया और YouTube पर जबरदस्त तरीके से वायरल हो गया है।
26 मार्च 2026 को रिलीज हुए इस गाने ने महज 72 घंटों के भीतर 50 लाख से अधिक व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया है।
खास बात यह है कि गाने को अब तक एक भी डिसलाइक नहीं मिला, जबकि लाखों यूज़र्स ने इसे लाइक कर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
गाने में दिखा जनता से जुड़ाव
‘जय महाकाली’ सिर्फ एक म्यूजिक वीडियो नहीं, बल्कि बालेन शाह की जनसंपर्क शैली की झलक भी पेश करता है।
वीडियो में वे आम लोगों के बीच नजर आते हैं—कहीं हाथ जोड़कर अभिवादन करते हुए तो कहीं बुजुर्गों से आशीर्वाद लेते हुए। उनका सादा और देसी अंदाज दर्शकों को खासा पसंद आ रहा है।
यह गीत बालेन शाह ने स्वपनिल, क्रोनिक बीट्स और फोसील के साथ मिलकर तैयार किया है। म्यूजिक, लिरिक्स और प्रेज़ेंटेशन—तीनों ही स्तर पर गाने को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

रैपर से प्रधानमंत्री तक
राजनीति में आने से पहले बालेन शाह नेपाल के चर्चित रैपर्स में शुमार रहे हैं। उनके गीतों में सामाजिक मुद्दों, भ्रष्टाचार और सिस्टम पर तीखा व्यंग्य देखने को मिलता रहा है।
‘जय महाकाली’ के अलावा ‘बलिदान’, ‘लोकल थीटो’, ‘मार्फा को मदिरा’, ‘सैवेज’ और ‘सड़क बलक’ जैसे गाने भी युवाओं के बीच लोकप्रिय रहे हैं।
शपथ के बाद लिए अहम फैसले
27 मार्च 2026 को रामनवमी के दिन प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद बालेन शाह ने कई बड़े फैसलों की घोषणा की।
इनमें ‘Gen-Z’ आंदोलन में मारे गए छात्रों के परिजनों को सरकारी नौकरी, छात्र राजनीति पर प्रतिबंध, कक्षा 5 तक परीक्षाएं खत्म करने, स्कूलों के विदेशी नामों पर सख्ती और 100 दिनों का एक्शन प्लान शामिल है।
इसके अलावा मंत्रालयों की संख्या घटाने और नेताओं-अधिकारियों की संपत्ति की जांच की योजना भी सामने आई है।
इसी क्रम में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज रही।
युवाओं के बीच मजबूत पकड़
इंजीनियरिंग बैकग्राउंड और म्यूजिक के जरिए पहचान बनाने वाले बालेन शाह अपनी निजी ज़िंदगी को निजी रखते हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में वे सीधे और बेबाक रुख के लिए जाने जाते हैं।
‘जय महाकाली’ की लोकप्रियता और उनके शुरुआती फैसले यह संकेत देते हैं कि वे नेपाल में राजनीति और संस्कृति—दोनों मोर्चों पर नई लकीर खींचने की कोशिश कर रहे हैं।
नेपाल में बदलाव की इस नई कहानी में बालेन शाह का नाम अब सिर्फ सत्ता से नहीं, बल्कि जन-आवाज़ से भी जुड़ता दिख रहा है।
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