राजा रघुवंशी हत्याकांड: नेपाल भागने के दावों पर मुख्य सोनम ने तोड़ी चुप्पी, सामने आकर दी सफाई
Sandesh Wahak Digital Desk: मध्यप्रदेश के इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी मर्डर केस में एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ आया है। इस पूरे मामले की मुख्य आरोपी और मृतक की पत्नी सोनम रघुवंशी ने पहली बार मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी है। दरअसल, राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने दावा किया था कि बेल पर जेल से बाहर आई सोनम पुलिस को चकमा देकर नेपाल फरार हो चुकी है और इस साजिश का पर्दाफाश करने के लिए मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जानी चाहिए। अब सोनम ने खुद सामने आकर इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
सुरक्षा कारणों से नहीं बता सकती ठिकाना
मीडिया से रूबरू होते हुए सोनम रघुवंशी ने कहा कि उसके देश छोड़कर नेपाल भागने की बातें पूरी तरह मनगढ़ंत और झूठी हैं, इसलिए लोग ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें। जब उससे इंदौर लौटने को लेकर सवाल किया गया, तो उसने वहां जाने से साफ मना कर दिया। सोनम का कहना है कि वह जिला अदालत द्वारा तय की गई जमानत की शर्तों का पूरी तरह सम्मान कर रही है और उन्हीं नियमों के तहत वह अभी इंदौर नहीं जा सकती।
सोनम ने खुलासा किया कि वह इस समय मेघालय की राजधानी शिलांग में रह रही है। हालांकि, शिलांग में अपने सटीक ठिकाने और आजीविका के खर्च को लेकर उसने चुप्पी साध ली और कहा कि सुरक्षा की वजह से वह यह जानकारी साझा नहीं कर सकती।
ये वही सोनम रघुवंशी है….. 🧐 pic.twitter.com/ameqpw1L1V
— अजयेंद्र राजन शुक्ल / Ajyendra Rajan Shukla 🇮🇳 (@AjayendraRS) June 16, 2026
हाईकोर्ट में सोनम की जमानत रद्द करने पर फैसला सुरक्षित
आपको बता दें कि राजा रघुवंशी मर्डर केस में पुलिस की कुछ तकनीकी कमियों और कानूनी खामियों का लाभ मिलने के चलते निचली अदालत ने सोनम को सशर्त जमानत दे दी थी। इस फैसले के खिलाफ मेघालय पुलिस ने हाईकोर्ट का रुख किया है। पुलिस की अर्जी में सोनम की जमानत को तुरंत निरस्त कर उसे दोबारा जेल भेजने की मांग की गई है। इस संवेदनशील मामले पर लंबी बहस सुनने के बाद अदालत ने फिलहाल अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
इधर, मृतक राजा के भाई विपिन रघुवंशी इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग पर अड़े हैं। विपिन का कहना है कि जब देश में लड़कियों से जुड़े चर्चित मामलों (जैसे ट्विशा केस) में फौरन सीबीआई जांच शुरू हो सकती है, तो एक लड़के की बेरहमी से हुई हत्या में ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा? उन्होंने दलील दी कि चूंकि यह पूरा घटनाक्रम मध्य प्रदेश और मेघालय, यानी दो राज्यों की सीमाओं से जुड़ा है, इसलिए निष्पक्ष न्याय के लिए सिर्फ सीबीआई ही एकमात्र भरोसा है।
क्या था राजा रघुवंशी हत्याकांड
यह पूरी वारदात साल 2025 की है। 11 मई, 2025 को इंदौर के जाने-माने ट्रांसपोर्ट व्यवसाई राजा रघुवंशी की शादी सोनम से हुई थी। विवाह के तुरंत बाद यह नवविवाहित जोड़ा हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुआ था। लेकिन शादी के महज 12 दिन बाद यानी 23 मई 2025 को दोनों अचानक लापता हो गए।
पुलिस की खोजबीन के दौरान 3 जून को मेघालय की एक गहरी खाई से राजा रघुवंशी का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। जब पुलिस ने कड़ाई से जांच आगे बढ़ाई, तो इस हत्याकांड की परतें खुलती गईं। मर्डर की इस खौफनाक साजिश को रचने के आरोप में पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें मृतक की पत्नी सोनम रघुवंशी को ही मुख्य साजिशकर्ता पाया गया और उसे जेल भेज दिया गया था।
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