महंगाई के बीच Ujjwala Yojna के नियम भी बदले, अब सिर्फ 4 सिलेंडर पर मिलेगी सब्सिडी
Ujjwala Yojna Rule Change: महंगाई के बीच प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) से जुड़े करोड़ों लाभार्थियों को बड़ा झटका लगा है। केंद्र सरकार ने योजना के तहत रियायती एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में कटौती कर दी है। अब लाभार्थियों को सालभर में केवल 4 सिलेंडरों पर ही सब्सिडी का लाभ मिलेगा, जबकि पहले यह सुविधा 9 रिफिल तक उपलब्ध थी।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को अब पहले चार एलपीजी रिफिल पर ही 300 रुपये प्रति सिलेंडर की डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) सब्सिडी मिलेगी। मंत्रालय का कहना है कि यह फैसला लाभार्थियों की औसत वार्षिक गैस खपत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
अतिरिक्त सचिव प्रवीण मल खानूजा के मुताबिक, अधिकांश उज्ज्वला परिवार सालभर में औसतन चार सिलेंडर ही इस्तेमाल करते हैं। इसी आधार पर सब्सिडी की पात्रता में बदलाव किया गया है।
Ujjwala Yojna: 2016 में 12 सिलेंडर से शुरू हुई थी योजना
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में हुई थी। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना था। शुरुआत में लाभार्थियों को सालाना 12 रियायती एलपीजी सिलेंडर दिए जाते थे। बाद में यह संख्या घटाकर 9 की गई और अब इसे कम कर केवल 4 कर दिया गया है।
सरकार ने मई 2022 में Ujjwala Yojna लाभार्थियों के लिए 200 रुपये प्रति सिलेंडर सब्सिडी शुरू की थी, जिसे अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया था। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाती है।
सिलेंडर महंगा, अब कितनी होगी कीमत?
हाल ही में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 942 रुपये पहुंच गई है। ऐसे में 300 रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को पहले चार सिलेंडरों के लिए 642 रुपये प्रति रिफिल चुकाने होंगे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2022 से अब तक केंद्र सरकार एलपीजी सब्सिडी पर 52 हजार करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। वहीं तेल विपणन कंपनियां अभी भी प्रत्येक घरेलू सिलेंडर पर भारी नुकसान उठा रही हैं।
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