35 साल से भारत में रह रही पाकिस्तानी महिला को हाईकोर्ट से जमानत, जानें पूरा मामला

Meerut News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी दस्तावेज और वोटर आईडी से जुड़े मामले में गिरफ्तार पाकिस्तानी नागरिक सबा मसूद को जमानत दे दी है। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड के आधार पर प्रथम दृष्टया ऐसा ठोस सबूत नहीं है, जिससे यह साबित हो कि भारत में रहने के लिए उन्होंने धोखाधड़ी या जालसाजी का सहारा लिया। कोर्ट ने यह भी माना कि वह करीब 35 वर्षों से वैध रूप से भारत में रह रही हैं, उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह जांच में सहयोग कर रही हैं।

सबा के खिलाफ 14 फरवरी 2026 को मेरठ के देहली गेट थाने में रुखसाना की शिकायत पर केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने 16 फरवरी को उन्हें गिरफ्तार किया था।

1986 में भारतीय नागरिक से किया था निकाह

सबा की ओर से कोर्ट को बताया गया कि शादी से पहले उनका नाम शबा हनीफ था। उन्होंने वर्ष 1986 में लाहौर में भारतीय नागरिक फरहत मसूद से निकाह किया था। इसके बाद वह वैध पाकिस्तानी पासपोर्ट और भारत सरकार के लॉन्ग टर्म वीजा पर भारत आईं। वह मेरठ के जलीकोठी में परिवार के साथ रह रही थीं।

उनके वकील के मुताबिक, रेजिडेंशियल परमिट मार्च 2027 तक और वीजा 2037 तक वैध है। उन्होंने 2010 और 2011 में भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया था, जो अभी लंबित है।

बेटे ने कहा, शुक्रवार तक हो सकती है रिहाई

राज्य सरकार ने वीजा नियमों के उल्लंघन का हवाला देकर जमानत का विरोध किया। हालांकि कोर्ट ने पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर जमानत मंजूर कर दी। सबा के बेटे फराज मसूद ने बताया कि शुक्रवार तक जेल में रिहाई परवाना पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद उनकी मां बाहर आ जाएंगी।

Also Read: Lucknow News: श्री गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित 

Get real time updates directly on you device, subscribe now.