SBI ने 3 महीने पहले की थी स्टाफ हटाने की सिफारिश, राम मंदिर दान घोटाले में नया खुलासा
Ayodhya Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान में कथित हेराफेरी और चोरी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) अब देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। ताजा जानकारी के अनुसार, अयोध्या पुलिस और SIT छह SBI कर्मचारियों से पूछताछ की तैयारी में हैं।
जांच एजेंसियों को संदेह है कि दान पात्रों से पैसे गायब करने और पैसों के लेन-देन में इन कर्मचारियों की भी भूमिका हो सकती है। हालांकि, SBI ने बयान जारी कर कहा है कि बैंक जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रहा है और सच्चाई सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
जांच में सामने आईं कई बड़ी लापरवाहियां
सूत्रों के अनुसार, SBI ने करीब तीन महीने पहले ही मंदिर ट्रस्ट से दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों को हटाने का अनुरोध किया था, क्योंकि बैंक को कुछ गड़बड़ी का अंदेशा हो गया था।
SIT की शुरुआती जांच में कई गंभीर लापरवाहियां भी सामने आई हैं। वर्ष 2025 में ट्रस्ट और SBI के बीच तय नियमों के अनुसार पैसे गिनने वाले कर्मचारियों के कपड़ों में जेब नहीं होनी चाहिए थी और सुरक्षा जांच अनिवार्य थी, लेकिन इन नियमों का पालन नहीं किया गया। इसके अलावा, नियमों के खिलाफ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के पूर्व ड्राइवर टिन्नू यादव के पास कई दान पात्रों की चाबियां थीं।
सबसे गंभीर बात यह रही कि जहां दान की गिनती होती थी, वहां की CCTV फुटेज 180 दिन तक सुरक्षित रखने के बजाय केवल 45 दिन में ही हटा दी गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 13 जून को SIT का गठन किया गया था। शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को FIR दर्ज हुई और अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने इनके पास से करीब 80 लाख रुपये नकद और कुछ विदेशी मुद्रा बरामद की है। साथ ही आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
शुरुआती तौर पर यह मामला छोटे स्तर का माना जा रहा था, लेकिन अब जांच एजेंसियों को आशंका है कि कथित घोटाले के तार कहीं अधिक बड़े हो सकते हैं।

