आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े पर बड़ा एक्शन, यूपी के 866 अस्पतालों पर कार्रवाई
UP Ayushman Yojana: उत्तर प्रदेश में आयुष्मान योजना के तहत इलाज में गड़बड़ी करने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई तेज कर दी गई है। स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट ने डाटा एनालिटिक्स के जरिए कई अस्पतालों में अनियमितताएं पकड़ी हैं। जांच में मरीजों के इलाज में लापरवाही, जरूरी मानक पूरे न करना और एक ही मरीज को बार-बार भर्ती दिखाने जैसे मामले सामने आए।
इसके अलावा एक ही रिपोर्ट बार-बार भेजने और ओपीडी में इलाज के लिए आए मरीजों को अस्पताल में भर्ती दिखाने की गड़बड़ी भी चिन्हित की गई है। अब तक कुल 866 अस्पतालों पर कार्रवाई हो चुकी है।
648 अस्पताल योजना से बाहर
कार्रवाई के तहत 648 अस्पतालों का डी-इम्पैनलमेंट किया गया है। वहीं 61 अस्पतालों को योजना से निलंबित किया गया। 17 अस्पतालों की विशेषता का डी-इम्पैनलमेंट हुआ है। इसके अलावा 140 अस्पतालों पर कुल 8.53 करोड़ रुपये से ज्यादा की पेनल्टी लगाई गई। इसमें से 4.37 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली हो चुकी है।
साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि मानकों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई जारी रहेगी। पेनल्टी के बाद भी सुधार नहीं होने पर अस्पतालों को निलंबित किया जाएगा।
2026 में 318 अस्पतालों पर कार्रवाई
अर्चना वर्मा के मुताबिक, 2026 में अब तक 318 अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। इनमें 242 अस्पतालों को भारत सरकार के 35 इंडीकेटर पूरे नहीं करने पर डी-इम्पैनल किया गया और 61 को निलंबित किया गया। 15 अस्पतालों की स्पेशियलिटी भी डी-इम्पैनल की गई। वहीं 2025 में 16 अस्पतालों पर कार्रवाई हुई थी।

