Siddharthnagar News: अब बोल और सुन सकेंगे जन्मजात दिव्यांग बच्चे, सर्जरी के लिए सरकार देगी 6 लाख रुपये

Siddharthnagar News: जनपद के दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने कमर कस ली है। “कॉक्लियर इम्प्लान्ट” योजना के तहत अब जन्मजात मूक-बधिर बच्चों का मुफ्त इलाज कराया जाएगा, जिससे वे न केवल सुन सकेंगे बल्कि सामान्य बच्चों की तरह बोल भी पाएंगे।

₹6 लाख की सरकारी मदद, सर्जरी से बदलेगी किस्मत

संदेश वाहक‘ से एक विशेष बातचीत के दौरान जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी संदीप मौर्य ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र लाभार्थी की सर्जरी के लिए विभाग संबंधित अस्पताल को ₹6.00 लाख की धनराशि प्रदान करता है। यह योजना उन गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो इलाज का भारी-भरकम खर्च वहन नहीं कर सकते।

कौन ले सकता है लाभ? ये हैं जरूरी शर्तें

संदीप मौर्य ने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ पाने के लिए कुछ पात्रताएं अनिवार्य हैं।

उम्र सीमा: बच्चा जन्मजात मूक-बधिर होना चाहिए और उसकी उम्र 5 वर्ष या उससे कम होनी चाहिए।

पंजीकरण: इच्छुक अभिभावक विकास भवन स्थित कमरा नंबर-12 (जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय) में संपर्क कर सकते हैं।

दस्तावेज: आवेदन के लिए आवश्यक पहचान पत्र और दिव्यांगता प्रमाण पत्र साथ लाना अनिवार्य है।

अगर आपके आसपास कोई ऐसा बच्चा है जो सुन या बोल नहीं सकता, तो उसे मोटिवेट करें और विभाग तक पहुंचाएं। आपकी एक छोटी सी जानकारी किसी मासूम का जीवन संवार सकती है।

संदीप मौर्य, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी

मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश

इस योजना का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को शारीरिक रूप से सक्षम बनाकर उन्हें शिक्षा और समाज के अन्य क्षेत्रों में बराबरी का हक दिलाना है। विभाग ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे इस सूचना को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं ताकि कोई भी जरूरतमंद बच्चा इस लाभ से वंचित न रहे।

 

रिपोर्ट: जाकिर खान 

 

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