नीट प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर न हो कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिगों को तुरंत रिहा करने का दिया आदेश
Sandesh Wahak Digital Desk: जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा (NEET) के विरोध में हुए प्रदर्शनों पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने एक अहम आदेश पारित किया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया है कि देश भर में विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसी भी निर्दोष छात्र पर कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोर्ट ने 18 साल से कम उम्र के नाबालिगों को कस्टडी से तुरंत रिहा करने के आदेश दिए हैं।
हालांकि, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले तत्वों को इस राहत से बाहर रखा गया है। इसके अलावा अदालत ने प्रदर्शन से जुड़ी सभी सीसीसीटीवी फुटेज, ड्रोन रिकॉर्डिंग, और वायरलेस संचार के डेटा को सुरक्षित रखने तथा छात्रों की निजी जानकारी को सार्वजनिक न करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
निष्पक्ष जांच के लिए गठित होगी हाई-लेवल कमेटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और सात राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस ने कहा कि घटना की पारदर्शी जांच के लिए एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया जाएगा। सुनवाई के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल, कील वाली लाठियों, इलेक्ट्रिक बैटन और सिविल ड्रेस में पुलिस द्वारा की गई कथित हिंसा का जिक्र भी हुआ।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि प्रदर्शन में उपद्रवी व असामाजिक तत्व शामिल थे, जिसके कारण 250 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए। अदालत ने कहा कि छात्रों और पुलिस दोनों पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्र जांच के जरिए जिम्मेदारी तय की जाएगी।

