AK-47 फायरिंग पर भड़के तेजस्वी यादव, बोले- सिर्फ सस्पेंशन नहीं, दोषी अफसरों पर हो कार्रवाई
Tejashwi Yadav: बिहार सरकार द्वारा NEET प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने के ऐलान के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधा। पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने विपक्ष के अल्टीमेटम और चेतावनी के बाद यह फैसला लिया है। तेजस्वी ने कहा, “जब हमने सरकार को चेताया, तब प्रदर्शनकारियों की रिहाई का आदेश दिया गया और केस वापस लेने का ऐलान किया गया।”
किसने दिया AK-47 चलाने का आदेश
तेजस्वी यादव ने कहा कि केवल एक पुलिसकर्मी को निलंबित कर देने से मामला खत्म नहीं हो जाता। उन्होंने सवाल उठाया कि AK-47 से गोली चलाने का आदेश किस अधिकारी ने दिया और इसकी पूरी न्यायिक जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी सिपाही की इतनी हैसियत नहीं होती कि वह अपने स्तर पर ऐसा फैसला ले सके। दोषी अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं होगी, राजद इस मुद्दे को उठाती रहेगी।
अधिकारियों को दी चेतावनी
राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हमेशा उन्हें बचाने नहीं आएंगे, इसलिए सभी अधिकारी संविधान, नियम और प्रोटोकॉल के दायरे में काम करें। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में अपराध और भ्रष्टाचार को संरक्षण देने वाली व्यवस्था अब नहीं चलेगी। तेजस्वी ने कहा कि बिहार की धरती जेपी, कर्पूरी ठाकुर और लालू प्रसाद यादव की है और यहां “पुलिस गुंडाराज” नहीं चलने दिया जाएगा।
उन्होंने 25 जुलाई को सिवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर AK-47 से फायरिंग की घटना का भी जिक्र किया। इस मामले का वीडियो वायरल होने के बाद हंगामा मचा था और पुलिसकर्मी अभिषेक कुमार को निलंबित कर दिया गया था। तेजस्वी ने कहा कि देश में पहली बार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित तौर पर AK-47 के इस्तेमाल का मामला सामने आया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि प्रदर्शनकारियों पर AK-47 इस्तेमाल का आदेश किसने दिया और छात्रों पर हत्या के प्रयास का मामला किस आधार पर दर्ज किया गया।

