Siddharthnagar News: टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का ‘मशाल जुलूस’, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

Siddharthnagar News: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद में सोमवार को शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले शिक्षकों ने टीईटी (TET) की अनिवार्यता के विरोध में जिला मुख्यालय पर विशाल ‘मशाल जुलूस’ निकाला। विकास भवन से शुरू होकर कलेक्ट्रेट परिसर तक निकले इस जुलूस में सैकड़ों शिक्षकों ने मशालें थामकर सरकार की नीतियों के खिलाफ हुंकार भरी और इसे शिक्षकों के सम्मान और सुरक्षा पर हमला करार दिया।

Siddharthnagar News: टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का 'मशाल जुलूस',

पुरानी नियुक्तियों पर TET की शर्त का कड़ा विरोध

जुलूस का नेतृत्व महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पाण्डेय, संयोजक देवेन्द्र यादव और सह-संयोजक विजयेन्द्र मिश्र ने किया। शिक्षकों का मुख्य विरोध आरटीआई (RTI) एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों पर टीईटी की शर्त थोपने को लेकर है।

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जिलाध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने “संदेश वाहक” से खास बातचीत में कहा कि सरकार चोरी-छिपे ‘काला कानून’ लागू कर अपनी तानाशाही दिखा रही है। यह फैसला पूरी तरह से न्याय हित के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने इस फैसले को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और भी उग्र किया जाएगा। शिक्षक इस शर्त को किसी भी कीमत पर कबूल नहीं करेंगे।

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विभिन्न संगठनों का मिला पुरजोर समर्थन

इस मशाल जुलूस में केवल प्राथमिक शिक्षक ही नहीं, बल्कि माध्यमिक शिक्षक संघ, लेखपाल संघ और राज्य कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के साथ-साथ माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष राधेश्याम वर्मा, टीएससीटी (TSCT) के अनिल तिवारी, विशिष्ट बीटीसी के विनयकांत मिश्र और अटेवा (ATEWA) के बृजेश द्विवेदी ने भी अपना समर्थन दिया।

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न्याय और सुरक्षा की मांग

मशाल जुलूस के दौरान शिक्षकों ने ‘सेवा, सुरक्षा और न्याय’ के नारे लगाए। शिक्षकों का कहना है कि जो शिक्षक दशकों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उन पर नई योग्यता शर्तें लागू करना उनके अनुभव का अपमान है। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा, लेकिन शिक्षकों का जोश कम नहीं हुआ।

रिपोर्ट: जाकिर खान

 

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