14 कोसी मार्ग पर होता था राम मंदिर चढ़ावा चोरी का बंटवारा, आरोपी अविनाश ने कबूला जुर्म

Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच में लगातार बड़े खुलासे हो रहे हैं। रिमांड पर चल रही पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला ने कई अहम बातें स्वीकार की हैं। अविनाश ने पुलिस को बताया कि मंदिर से चोरी किए गए चढ़ावे का बंटवारा तय

जगह पर किया जाता था। यह बंटवारा 14 कोसी मार्ग पर होता था, जहां सभी आरोपी इकट्ठा होते थे। इस कबूलनामे के बाद पुलिस टीम अविनाश को बताए गए स्थान पर लेकर गई, जहां से कुछ सामान बरामद होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि पुलिस ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार 

इस मामले में पुलिस ने अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, रमाकांत मिश्रा, मनीष कुमार यादव (टिन्नू का भतीजा), करूणेश पांडेय और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सभी से लगातार पूछताछ की जा रही है।

किस आरोपी के पास से कितनी रकम मिली

जांच में सामने आया है कि इस चोरी में सबसे शातिर भूमिका अविनाश शुक्ला की बताई जा रही है। उसके पास से करीब 20 लाख रुपये बरामद हुए हैं। वहीं राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास से भी लगभग 20 लाख रुपये मिले हैं।

अनुकल्प मिश्रा के पास से 16 लाख, करूणेश पांडेय के पास से 18 लाख, लवकुश मिश्रा के पास से 14 लाख 32 हजार और मनीष यादव के पास से 2 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। इसके अलावा राम शंकर मिश्रा के पास से करीब 7 लाख रुपये मिले हैं। बरामद रकम में 500 से लेकर 10 रुपये तक के नोट, सिक्के और कुछ अमेरिकी डॉलर भी शामिल हैं।

ट्रस्ट को लौटाई गई रकम और जांच की स्थिति

पूछताछ में अविनाश शुक्ला ने चोरी और गबन की बात स्वीकार की है। उसका कहना है कि मामला सामने आने के बाद उसने बची हुई रकम राम मंदिर ट्रस्ट को लौटा दी थी। ट्रस्ट की निशानदेही पर चोरी की रकम और आभूषण जब्त किए गए। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और बंटवारे की प्रक्रिया की गहराई से जांच कर रही है।

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