ट्रंप की ईरान को आखिरी चेतावनी, समझौता करो, वरना पत्थर युग में पहुंचा देंगे
Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को लेकर अब तक का सबसे आक्रामक रुख अपनाया है। बुधवार को टीवी पर दिए अपने संबोधन में ट्रंप ने दावा किया कि मात्र एक महीने के भीतर अमेरिकी सेना ने ईरान की कमर तोड़ दी है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि ईरान बातचीत की मेज पर नहीं आता है, तो उसे ऐसे विनाश का सामना करना पड़ेगा जो उसे दशकों पीछे धकेल देगा।
ईरान की सैन्य ताकत अब इतिहास
ट्रंप ने अपने चिर-परिचित अंदाज में दावा किया कि ईरान की रक्षा प्रणाली अब अस्तित्व में नहीं है। उन्होंने कहा, आज रात, मैं गर्व से कह सकता हूँ कि ईरान की नेवी और एयरफोर्स खत्म हो चुकी है। उनकी मिसाइल और ड्रोन क्षमताएं अब नाममात्र की रह गई हैं और हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों को हमने मलबे में तब्दील कर दिया है।
ट्रंप ने दोहराया कि उनका मुख्य मकसद ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था और उन्होंने अपनी कसम पूरी की है। उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के जरिए ईरान की न्यूक्लियर साइट्स को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है।
पाषाण युग की चेतावनी और बिजली संकट
ट्रंप ने ईरान को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर यदि कोई ठोस समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका ईरान के पूरे इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर (बिजली ग्रिड) को निशाना बनाएगा। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, हम उन्हें स्टोन एज (पत्थर युग) में वापस ले जाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका का मकसद वहां तख्तापलट करना नहीं था, लेकिन युद्ध के दौरान ईरान के शीर्ष नेतृत्व के मारे जाने से शासन अपने आप बदल चुका है।
दुनिया भर में तेल की बढ़ती कीमतों पर सफाई
वैश्विक स्तर पर तेल की बढ़ती कीमतों के लिए ट्रंप ने सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कमर्शियल टैंकरों पर हुए आतंकी हमलों ने बाजार को अस्थिर किया है। उन्होंने मध्य पूर्व (Middle East) के तेल पर निर्भर देशों से अपील की कि वे इस क्षेत्र पर अपनी निर्भरता कम करें और शिपिंग रूट्स को सुरक्षित बनाने में सहयोग दें।
साथी देशों की तारीफ और शहीदों को नमन
अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने इजरायल, सऊदी अरब, कतर, यूएई, कुवैत और बहरीन को इस अभियान में बेहतरीन साझेदार बताया। उन्होंने युद्ध में जान गंवाने वाले 13 अमेरिकी सैनिकों को याद करते हुए भावुक होकर कहा कि उनके परिवारों ने मुझसे इस काम को अधूरा न छोड़ने की अपील की थी।
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