यूपी चुनाव से पहले सपा में शामिल होंगी चंद्रशेखर की पूर्व गर्लफ्रेंड, बोलीं- दलितों को समझाऊंगी सच्चाई

Lucknow News: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राजनीतिक गलियारों में एक बड़ी हलचल होने जा रही है। डॉ. रोहिणी घावरी, जो भीम आर्मी के अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद की पूर्व गर्लफ्रेंड बताई जाती हैं, अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रूप से उतरने वाली हैं। वह स्विट्जरलैंड में नौकरी करती हैं, लेकिन जल्द ही भारत लौटकर समाजवादी पार्टी के साथ काम करेंगी।

चंद्रशेखर के साथ गठबंधन कभी नहीं: अखिलेश

रोहिणी घावरी ने बताया कि 7 अप्रैल को सपा प्रमुख अखिलेश यादव से उनकी फोन पर बात हुई थी। उन्होंने सबसे पहले अखिलेश जी से पूछा कि क्या वे चंद्रशेखर आजाद के साथ गठबंधन करेंगे। अखिलेश यादव ने साफ जवाब दिया– कभी नहीं। इसी वजह से रोहिणी ने सपा का साथ देने का फैसला कर लिया।

बुलावा आया है, बड़े भैया ने बुलाया है

रोहिणी घावरी ने 8 अप्रैल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- चलो बुलावा आया है, उत्तर प्रदेश से बड़े भैया ने बुलाया है। अगले महीने से शुरू होंगी 200 बैठकें। आप सब तैयार हो जाइए, नई ऊर्जा के साथ आपकी बहन आपके साथ होगी।

यूपी चुनाव से पहले सपा में शामिल होंगी चंद्रशेखर की पूर्व गर्लफ्रेंड, बोलीं- दलितों को समझाऊंगी सच्चाई

जून में भारत लौटेंगी, फिर 200 सभाएं

रोहिणी घावरी जून महीने में स्विट्जरलैंड से भारत वापस आएंगी। इसके बाद वह पूरे उत्तर प्रदेश में करीब 200 छोटी-बड़ी सभाएं करेंगी। उनका मुख्य फोकस नॉन जाटव दलित समाज, खासकर वाल्मीकि और पासी समुदाय को एकजुट करना होगा। इसके बाद आगरा या लखनऊ में एक बड़ी रैली का आयोजन होगा, जिसमें अखिलेश यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। रोहिणी कहती हैं कि वह लखनऊ को केंद्र बनाकर पूरे यूपी में दलित समाज के लोगों तक पहुंचेंगी।

चंद्रशेखर पर निशाना

रोहिणी घावरी लगातार चंद्रशेखर आजाद पर हमलावर रुख अपनाए हुए हैं। उन्होंने X पर लिखा- चंद्रशेखर को वोट देना मतलब BJP को वोट देना है। यह बात उत्तर प्रदेश के दलितों को समझाने आ रही हूं। यह आदमी BJP को जीताने के लिए दिन-रात काम कर रहा है, गुमराह ना हो। वह चंद्रशेखर की कथित दलित मूवमेंट की सच्चाई जनता के सामने लाना चाहती हैं।

टीम बनाने की तैयारी

रोहिणी घावरी अभी तीन दिन के लिए इटली जा रही हैं। वहां अपने लोगों के साथ बैठक करके अपनी टीम बनाएंगी, आगे की प्लानिंग करेंगी। इसके बाद पेरिस भी जाएंगी और कुछ लोगों से मुलाकात करेंगी।

क्या होगा असर

रोहिणी घावरी की ये गतिविधियां चंद्रशेखर आजाद की राजनीति पर बड़ा असर डाल सकती हैं। अगर वह सभाओं के जरिए चंद्रशेखर पर हमला बोलेंगी, तो सहानुभूति के चलते नॉन जाटव दलित उनके साथ जुड़ सकते हैं। इससे नॉन जाटव दलितों का भाजपा और सपा जैसे दलों में बंटा वोट और बंट सकता है। इसका सीधा असर चंद्रशेखर की ताकत को कमजोर करने पर पड़ेगा।

Also Read: Lakhimpur Kheri News: सीएम योगी बोले- ‘सैफई के कुनबे ने गरीबों के हक पर डाली डकैती’

Get real time updates directly on you device, subscribe now.