ईरान वार्ता पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति का बड़ा बयान, प्रगति हुई पर समझौता नहीं

Sandesh Wahak Digital Desk: ईरान के साथ हुई हालिया उच्चस्तरीय बातचीत को लेकर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में वेंस ने कहा कि हालांकि दोनों देशों के बीच बातचीत में काफी प्रगति हुई है, लेकिन फिलहाल कोई आधिकारिक समझौता नहीं हो सका है। अमेरिका अपनी रेड लाइन्स (अंतिम शर्तों) पर अडिग है और गेंद अब ईरान के पाले में है।

अमेरिका की दो टूक, यूरेनियम हटाना ही होगा

जेडी वेंस ने साफ किया कि अमेरिका अपनी दो प्रमुख मांगों पर कोई समझौता नहीं करेगा।

यूरेनियम का खात्मा: ईरान को अपने पास मौजूद समृद्ध यूरेनियम (Enriched Uranium) को देश से बाहर भेजना होगा।

सत्यापन योग्य सीमाएं: ईरान केवल यह न कहे कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, बल्कि उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी जांच और सत्यापन (Verification) की अनुमति देनी होगी। वेंस ने कहा, ईरान के वार्ताकार हमारी दिशा में बढ़े तो हैं, लेकिन इतना नहीं कि समझौता हो सके। अब उन्हें वापस जाकर अपने आकाओं से इन शर्तों पर मंजूरी लेनी होगी।

आर्थिक आतंकवाद और जलडमरूमध्य

वार्ता के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति का मुद्दा भी गरमाया रहा। वेंस ने ईरान पर आर्थिक आतंकवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला होना चाहिए।

सख्त चेतावनी: वेंस ने पुष्टि की कि अमेरिकी नौसेना केवल ईरानी जहाजों ही नहीं, बल्कि ईरानी बंदरगाहों से जुड़े हर जहाज पर नजर रख रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने वैश्विक शिपिंग को बाधित किया, तो अमेरिका नाकाबंदी (Blockade) के जरिए किसी भी ईरानी जहाज को बाहर नहीं निकलने देगा।

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